
ग्वालियर (मध्य प्रदेश) – आजकल सर्वत्र ही छात्रों में तनाव दिखाई देता है । तनाव निर्मूलन हेतु अपने व्यक्तित्व के दोषों को दूर करने के लिए, अपने गुण बढाने की आवश्यकता है । इसलिए सनातन संस्था अध्यापक और छात्रों में, इस विषय में दिशादर्शन करने का प्रयास कर रही है, श्रीमती वैदेही पेठकर ने ऐसा प्रतिपादन किया । वे यहां के वीरांगना लक्ष्मीबाई स्मारक उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित ‘तनावमुक्त जीवन हेतु अध्यात्म’ विषय पर अध्यापकों को संबोधित कर रही थीं ।
इस समय शिक्षा समिति के सहसचिव श्री. हेमंत खेडेकर ने कहा, ‘‘आज विश्व और भारत की वर्तमान परिस्थिति में परिवर्तन लाने हेतु सनातन संस्था का बडा योगदान होगा ।’’ विद्यालय के प्राचार्य श्री. जगदीश श्रीवास बोले, ‘‘आध्यात्मिक दृष्टि से अपने व्यवहार एवं जीवन को साधना के माध्यम से कैसे परिवर्तित करें, छात्रों की समस्याओं को कैसे दूर कर सकते हैं, सुसंस्कारों को आत्मसात कर जीवन कितना और कैसे महत्त्वपूर्ण बना सकते हैं, इसके लिए आज सनातन संस्था द्वारा प्रशंसनीय मार्गदर्शन हुआ ।’’
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?