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वॉशिंगटन (अमेरिका) – अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ( यूएस कमिशन ऑन इंटरनॅशनल रिलिजिअस फ्रीडम ) ने हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जिसमें कहा गया है कि ‘भारत में अल्पसंख्यकों के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है।’ इतना ही नहीं, इस आयोग ने भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) पर भी प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। इसके लिए आयोग ने दावा किया है कि यह संगठन खालिस्तानी आतंकवादियों की हत्या में शामिल था।
🚨 USCIRF’s Annual Anti-India Rant! 🚨
📢 Claims “Minorities mistreated in India” – Same old biased narrative! 🤦♂️
⚠️ Recommends a ban on RAW! Clearly, this US body was created just to target India! 🇮🇳
❓ Why does it ignore Khalistani terrorists like Pannun, who operate freely… pic.twitter.com/hkqjUVn3yN
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) March 26, 2025
१. रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अमेरिकी सरकार द्वारा रॉ पर प्रतिबंध लगाने की संभावना नहीं है, क्योंकि आयोग की सिफारिशें बाध्यकारी नहीं हैं।
२. विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका ने एशिया और अन्य स्थानों पर चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए भारत को एक विकल्प के रूप में देखा है। इसलिए भारत के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की जा सकती।
३. इससे पहले, बाइडेन प्रशासन के दौरान अमेरिका में खालिस्तानी समर्थकों को निशाना बनाने के आरोपों के कारण अमेरिका और भारत के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए थे। अमेरिका ने पूर्व भारतीय खुफिया अधिकारी विकास यादव पर खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू, जो एक अमेरिकी नागरिक है, की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था।
आयोग ने रिपोर्ट में क्या कहा ?
अमेरिकी आयोग की रिपोर्ट कहती है कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति २०२४ तक और खराब हो जाएगी; क्योंकि अल्पसंख्यकों के विरुद्ध हमले और भेदभाव बढ़ता रहेगा। हिन्दू राष्ट्रवादी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी भारतीय जनता पार्टी ने पिछले साल चुनाव अभियान के दौरान मुसलमानों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के विरुद्ध घृणास्पद भाषण और गलत सूचना फैलाई। भारत को धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए विशेष चिंता का देश घोषित किया जाना चाहिए तथा पूर्व भारतीय खुफिया अधिकारी विकास यादव और रॉ पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाए और उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया जाए। रिपोर्ट में साम्यवादी शासित वियतनाम को भी विशेष चिंता वाले देश के रूप में शामिल करने की सिफारिश की गई है।
संपादकीय भूमिका
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