हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. शंभू गवारे व सनातन संस्था की बबिता गांगुली को ‘मातृभूमि सम्मान’ पुरस्कार प्रदान !

रांची (झारखंड) की ‘मातृभूमि राष्ट्रप्रेमी संस्था’ द्वारा किया गया सम्मान

‘मातृभूमि सम्मान’ स्वीकार करते श्री. शंभू गवारे

रांची (झारखंड) – यहां की ‘मातृभूमि राष्ट्रप्रेमी संस्था’ की ओर से आयोजित वार्षिक अधिवेशन में राष्ट्र, धर्म एवं संस्कृति की रक्षा हेतु समर्पित ‘हिन्दू जनजागृति समिति’ के पूर्व एवं ईशान्य भारत राज्य के समन्वयक श्री. शंभू गवारे, साथ ही अध्यात्मप्रसार का कार्य करनेवाली सनातन संस्था की बबिता गांगुली को ‘मातृभूमि सम्मान’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।

बबिता गांगुली

इस कार्यक्रम में देशभक्ति, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण एवं समाज में राष्ट्रकेंद्रित विचारधारा को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया । इस अवसर पर श्री. शंभू गवारे ने हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा चलाए जा रहे ‘बेटी सुरक्षित, राष्ट्र सुरक्षित’ अभियान के साथ लव जिहाद के विषय में उपस्थित राष्ट्रप्रेमियों का उद्बोधन किया । इस कार्यक्रम में ‘मातृभूमि राष्ट्रप्रेमी संस्था’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री. प्रेमी वर्मा सहित संस्था के अनेक पदाधिकारी सहभागी थे । इस अवसर पर समिति की रांची की समन्वयक पूजा चौहान भी उपस्थित थीं ।

संतों के कर-कमलों द्वारा उद्घाटन व दीपप्रज्वलन करवाने का महत्त्व

संतों के अस्तित्वमात्र से ब्रह्मांड से आवश्यक देवता की सूक्ष्मतर तरंगें कार्यस्थल की ओर आकृष्ट व कार्यरत होती हैं । इससे वातावरण चैतन्यमय व शुद्ध बनता है और कार्यस्थल के चारों ओर सुरक्षा-कवच की निर्मिति होती है व जीवों की सूक्ष्मदेह की शुद्धि में सहायता मिलती है । इसलिए संतों के करकमलों द्वारा उद्घाटन अंतर्गत नारियल फोडने की आवश्यकता नहीं होती । (संदर्भ : सनातन-निर्मित ग्रंथ ‘पारिवारिक धार्मिक व सामाजिक कृत्यों का अध्यात्मशास्त्रीय आधार’)