पीने के पानीसहित अन्य सुविधाओं का भी अभाव ।
श्री. अजय केलकर, प्रतिनिधि, दैनिक ‘सनातन प्रभात’, कोल्हापुर

आलंदी (जिला पुणे) – ८ जुलाई को आलंदी से संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी का पंढरपुर की ओर प्रस्थान होनेवाला है, परंतु गांव में वारकरियों के लिए जो प्राथमिक स्तर की सुविधाएं होनी अपेक्षित हैं, वो सुविधाएं आलंदी गांव में दिखाई नहीं देती । आलंदी से पुणे शहर, देहूसहित अनेक स्थानों पर राज्य परिवहन निगम की बसें चलती हैं, उनके प्लैटफॉर्म्स के नाम के फलक ही यहां नहीं हैं, ऐसी दयनीय स्थिति यहां दिखाई दी ।

इस बसस्थानक पर पीने का पानी उपलब्ध नहीं है, साथ ही स्थानक में महिलाओं के लिए ‘हिरकणी’ कक्ष (छोटे बच्चे को दूध पिलाने के लिए स्थान) की व्यवस्था नहीं है, ऐसा दिखाई दिया । आलंदी एक महत्त्वपूर्ण तीर्थस्थल है, जहां राज्य से अनेक श्रद्धालु एवं वारकरी यहां आते हैं, इसलिए प्लैटफॉर्म्स पर नाम के फलक होना अति आवश्यक हैं, परंतु ऐसे फलक यहां दिखाई नहीं दिए । यहां अनेक बसगाडियां प्लैटफॉर्म पर न लगाकर उसके सामने बाजू में लगीं दिखाई दीं । इससे अनेक श्रद्धालु एवं वारकरियों का असुविधा होती है ।

इसके अतिरिक्त इन प्लैटफॉर्म्स पर केवल ऊपर से ही टिन की छत है । धूप, हवा एवं वर्षा से बचने के लिए बाईं ओर अथवा बाजू में किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं है । मूसलाधार वर्षा में प्लैटफॉर्म पर खडे रहकर भी श्रद्धालु वर्षा भी भीग जाते हैं, यह स्थिति है । हडपसर तथा अन्य स्थानों पर जाने के लिए गाडियां यही से थोडे – थोडे अंतराल के पश्चात प्रस्थान करती हैं । वहां भी ऐसी ही स्थिति दिखाई दी । श्रद्धालु एवं वारकरियों ने ‘पुणे महानगर परिवहन निगम लिमिटेड’ (पी.एम्.पी.एम्.एल्.) एवं स्थानीय प्रशासन से इसकी ओर ध्यान देने की मांग की है ।
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