साधको, वर्षा ऋतु आरंभ होनवाली है; इसलिए कहीं कोई सामग्री भेजते समय, उसे प्लास्टिक के आवरण में बांधकर ही भेजें !

१. वर्षा ऋतु में अन्यत्र कहीं सामग्री भेजते समय बक्सों को प्लास्टिक न लगाने से सामग्री के बक्से भीग जाना 

‘वर्षा ऋतु में अन्यत्र कहीं सामग्री भेजते समय उसे प्लास्टिक के आवरण में बांधकर भेजना आवश्यक होता है । कभी-कभी सामग्री के बक्सों को प्लास्टिक नहीं लगा होता है, तो कभी बक्सों को फटा हुआ प्लास्टिक लगाने से बक्से भीग जाते हैं, ऐसा ध्यान में आया है । साधकों से होनेवाली ऐसी चूकों के कारण बक्सों में रखी गई सामग्री खराब होने से गुरुधन की बडी मात्रा में हानि होती है ।

२. साधको, वर्षा ऋतु में अन्यत्र कहीं सामग्री भेजते समय निम्नांकित बातों का ध्यान रखें !

उक्त चूकें टालने हेतु सामग्री अन्यत्र कहीं भेजते समय वह पानी में न भीगे अथवा कोई तकनीकी वस्तु हो, तो वह पानी के कारण खराब न हो, इसके लिए साधक अन्यत्र कहीं सामग्री भेजते समय उसे प्लास्टिक के आवरण में अच्छे ढंग से बांध दें । साधक सामग्री को बांधने के लिए प्लास्टिक का उपयोग करते समय यात्रा में वह फटे नहीं, इसका विचार कर उसका चयन करें । किसी भी जिले के पास बांधने के लिए उपयुक्त प्लास्टिक उपलब्ध हो, तो साधक उसे आवश्यकता के अनुसार मांग-आपूर्ति विभाग में भेजें ।’

(२९.४.२०२६)