कच्छ (गुजरात) में साधारण कारणवश मुसलमानों द्वारा ग्राम के हिन्दुओं पर आक्रमण !

  • ग्राम की विद्युत आपूर्ति बाधित कर पथराव

  • हिन्दुओं को चार पहिया गाडी से कुचलने का प्रयास

  • २३ व्यक्तियों के विरुद्ध अभियोग (मामला) पंजीकृत

भुज (गुजरात) – राज्य के कच्छ जिले में स्थित रायधनपार ग्राम में ३० मई की रात्रि को एक छोटे विवाद के कारण समीपवर्ती वरनोरा नामक मुसलमान बहुल ग्राम के लोगों ने हिन्दुओं पर आक्रमण किया । इसमें अनेक हिन्दू युवक एवं पुलिसकर्मी आहत (घायल) हुए हैं तथा पुलिस ने २३ मुसलमानों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया है । पुलिस में की गई शिकायत के अनुसार आक्रमणकारियों ने सर्वप्रथम ग्राम की विद्युत आपूर्ति बाधित की तथा उसके पश्चात सुनियोजित षड्यंत्र रचकर आक्रमण किया ।

स्थानीय हिन्दू युवक दर्शन बरडिया की शिकायत पर माधापार पुलिस ने २३ मुसलमानों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया है ।

हिन्दुओं पर आक्रमण का सुनियोजित षड्यंत्र !

शिकायतकर्ता दर्शन बरडिया द्वारा दी गई सूचना के अनुसार यह घटना ३० मई की रात्रि लगभग १०.३० बजे घटित हुई । उस समय वे एवं उनके मित्र गांव के बाहर बैठे थे । समीपवर्ती वरनोरा ग्राम के मुसलमान युवकों का एक समूह वहां आया । उन्होंने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए हिन्दुओं को भयभीत किया, ‘तुम हमारी ओर क्यों देख रहे हो ? यदि पुनः देखा, तो हम तुम्हें मार डालेंगे ।’ यह शाब्दिक विवाद शीघ्र ही हाथापाई में बदल गया ।

जब हिन्दू ग्रामवासी इस संघर्ष के विरोध में एकत्रित हुए, तब उन्हें कुचलने के उद्देश्य से तीव्र गति से एक चार पहिया वाहन वहां आया । इससे ग्रामवासी किसी प्रकार बचे । इसके पश्चात मुसलमानों ने और अधिक लोगों को बुला लिया । तत्काल ही समीपवर्ती वरनोरा ग्राम से अत्यधिक संख्या में मुसलमान युवक लाठी, पाइप, पत्थर एवं अन्य शस्त्रों के साथ घटनास्थल पर आ गए । शिकायत के अनुसार भीड ने सर्वप्रथम विद्युत स्तंभ (खंभे) के तारों को छिन्न-भिन्न कर संपूर्ण ग्राम की विद्युत आपूर्ति बाधित कर दी । तत्पश्चात ग्राम के प्रवेशद्वार पर एकत्रित हिन्दुओं पर तथा उनके गृहों (घरों) पर पथराव प्रारंभ कर दिया । इसमें अनेक हिन्दू आहत हुए । एक हिन्दू युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है । इस समय पुलिस के वाहनों पर भी आक्रमण किया गया ।

हिन्दू संगठन का ‘सुनियोजित षड्यंत्र’ होने का आरोप !

हिन्दू युवा संगठन के नेता रघुवीर सिंह जडेजा ने इस आक्रमण को ‘जिहादी मानसिकता’ का परिणाम बताया है । किसी हिन्दू ग्राम को लक्ष्य बनाकर आक्रमण करने से पूर्व विद्युत तथा सीसीटीवी बंद करना, एक सुनियोजित षड्यंत्र था । उन्होंने वरनोरा ग्राम की गहन अन्वेषण (जांच) करने की मांग की है तथा आरोप लगाया है कि यह गांव ‘जिहादी केंद्र’ बन गया है ।

पुलिस की कार्रवाई !

कच्छ पश्चिम के पुलिस अधीक्षक विकास सुंडा ने सूचित किया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रात्रि में ही २३ व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर लिया है । अभियुक्तों में सलीम ममद मोखा, अबू सुफियान मोखा, साहिल सिद्दीकी मोखा, अब्बास ममद मोखा, समीर अब्दुल मेमन, रजाक सिद्दीकी मेर, फिरोज रजाक मेमन, शोएब सिद्दीकी मोखा, अमन करीम मेमन, अकरम जुसब मेमन, मजीद इब्राहिम केवरा, हनीफ रमजू केवरा, हनीफ अजीज मेमन, उमर अजीज मेमन, रेहान हनीफ खलीफा, इब्राहिम ममद मेमन, दाऊद इब्राहिम केवरा, एजाज उमर मेर, समीर अजीज मेमन, आफताब हनीफ केवरा, आजाद ममद केवरा, अल्ताफ लतीफ केवरा एवं ममद लाखा मोखा सम्मिलित हैं ।

संपादकीय भूमिका

  • इस प्रकार मुसलमानों की भीड द्वारा हिन्दुओं के ग्राम पर आक्रमण होने से प्रश्न उठता है कि कच्छ भारत में है अथवा पाकिस्तान में ? राज्य में भाजपा की सरकार होते हुए ऐसा होना हिन्दुओं को अपेक्षित नहीं है !
  • संख्याबल तथा प्रकृति का नियम देखते हुए जिसका संख्याबल अधिक होता है, उसका वर्चस्व होता है । इस नियमानुसार पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसे इस्लामी देशों में हिन्दू अल्पसंख्यक होने के कारण प्रताडित हो रहे हैं, किंतु हिन्दू बहुसंख्यक भारत में भी वे ही प्रताडित होते हैं । प्रहार करने वाले सीमा पार बहुसंख्यक हैं, किंतु भारत में अल्पसंख्यक हैं । इससे यह प्रश्न उपस्थित होता है कि क्या हिन्दू नींद में (सोए हुए) हैं ? यह स्थिति हिन्दुओं के लिए लज्जास्पद है !