Durgadi Fort Thane : ठाणे जिले का दुर्गाडी किला ‘दूसरी भोजशाला’ !

  • किले पर ‘ईदगाह’ का निर्णय न्यायप्रविष्ट, फिर भी मार्ग अवरुद्ध कर नमाज पढी !

  • नमाज पढने के समय हिन्दुओं को किले के दुर्गादेवी मंदिर में प्रवेश निषेध l

मुंबई, २७ मई (वार्ता.) – ठाणे जिले के कल्याण में स्थित दुर्गाडी किले पर कथित ‘ईदगाह’ का निर्णय न्यायप्रविष्ट है । ऐसा होने पर भी दुर्गाडी किले के बाहर सहस्रों मुसलमान विगत अनेक वर्षों से यहां का मार्ग अवरुद्ध कर नमाज पढते हैं । संतापजनक तथ्य यह है कि नमाज पढने के समय दुर्गाडी किले के दुर्गादेवी मंदिर में हिन्दुओं का प्रवेश निषेध कर दिया जाता है । भोजशाला में भी शुक्रवार को नमाज पढने के समय हिन्दुओं को सरस्वती माता की पूजा करने पर अब तक प्रतिबंध लगाया गया था । मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा भोजशाला हिन्दुओं की ही होने का निर्णय दिए जाने के पश्चात हिन्दू वहां अब प्रतिदिन पूजा-अर्चना कर सकते हैं ।

ईदगाह न होने के प्रमाण इस प्रकार हैं !

क्षोभजनक विषय यह है कि दुर्गाडी किले के श्री दुर्गादेवी मंदिर के भी मस्जिद होने का दावा मुसलमानों ने किया था ; परंतु किले की वास्तुकला मंदिर की ही है, ऐसा निर्णय न्यायालय ने दिया है । इसके साथ ही इस कथित ‘ईदगाह’ का विषय भी वर्तमान में कल्याण जिला न्यायालय में प्रविष्ट है । दुर्गाडी किले की इस दीवार के ‘ईदगाह’ होने का प्रलाप मुसलमान कर रहे हैं । ‘ईदगाह’ के दोनों ओर मीनारें होती हैं । वैसी मीनारें इस दिवार में नहीं हैं । ‘ईदगाह’ के मध्य में मुस्लिम धर्मगुरुओं का उद्बोधन करने के लिए स्थान होता है, वैसा स्थान भी इस दिवार के मध्य में नहीं है । ऐसा होने पर भी वर्षों से मुसलमानों की झुंडशाही के सम्मुख नतमस्तक होकर प्रशासन द्वारा मार्ग पर नमाज पढने को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है ।

पुलिस हिन्दुओं को मंदिर जाने से न रोके ! – शिवसेना

दुर्गाडी किले पर श्री दुर्गादेवी का मंदिर है । नमाज पढने के समय पुलिस मंदिर जाने से हिन्दुओं को रोकती है । मंदिर जाना हमारा धार्मिक अधिकार है । पुलिस हमें उससे न रोके । इसके विपरीत मार्ग अवरुद्ध कर अवैध रूप से नमाज पढनेवालों पर पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए, ऐसी मांग शिवसेना जिलाप्रमुख गोपाल लांडगे ने की ।