Mira Road Controversy : ठाणे : बकरों को लेकर हुए विवाद में अबुल रहीम शेख ने किया हिन्दू पर आक्रमण !

  • हिन्दुओं की शिकायत के उपरांत महानगरपालिका ने बकरों को रखने के लिए बनाया गया अनधिकृत अवैध शेड गिराया !

  • हिन्दू ने प्रत्युत्तर में बलि के लिए लाए सूअर !

मीरा रोड (जिला ठाणे) – बकरीद की पृष्ठभूमि पर मीरा रोड के एक गृहनिर्माण संस्था में २५ बकरे लाने के विषय पर रात्रि में विवाद हुआ । उसका परिवर्तन हिंसा में होकर एक युवक पर ब्लेड से प्रहार किया गया । ये बकरे तात्कालिक रूप से रखने के लिए अनुमति मांगी गई थी ; परंतु इमारत के मुसलमान पदाधिकारियों ने अधिकृत बैठक किए बिना बकरों के लिए शेड के निर्माण की अनुमति दी । इसका हिन्दू निवासियों ने विरोध किया । (संगठित हुए हिन्दुओं का अभिनंदन ! – संपादक) इस प्रकरण में भाजपा की नगरसेविका, हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी तथा हिन्दू निवासियों ने पुलिस एवं महानगरपालिका में शिकायत प्रविष्ट की । शिकायत का संज्ञान लेते हुए पालिका ने वह शेड गिरा दिया ; परंतु बकरे वहीं होने के कारण रात्रि के समय तनाव और अधिक बढ गया । शेड गिराए जाते समय ही मुसलमानों ने पुनः विरोध किया । इस समय एक मुसलमान ने एक हिन्दू युवक पर ब्लेड से प्रहार किया । इस प्रकरण में अपराध पंजीकृत किया गया है तथा शेख अबुल रहीम शेख (आयु ४४ वर्ष) को बंदी बनाया गया है ।

इस संघर्ष के समय हिन्दुओं ने प्रत्युत्तर देने के लिए बलि देने हेतु यहां सूअर लाया । पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सूअर को अपने नियंत्रण में ले लिया ।

भाजपा द्वारा मुंबई महानगरपालिका तथा पुलिस को पत्र : अवैध कुर्बानी न होने देने की मांग !

मुंबई की इमारतों में होनेवाली संभावित अवैध कुर्बानी के विषय पर भाजपा ने आक्रामक भूमिका अपनाते हुए प्रशासन को पत्र लिखा है । मुंबई की महापौर श्रीमती रितू तावडे सहित भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेताओं ने महानगरपालिका तथा मुंबई पुलिस को पत्र भेजकर ‘गृहनिर्माण संस्थाओं में कोई भी अवैध कुर्बानी न हो’, ऐसी मांग की है । इस पत्र पर विभिन्न विधायकों तथा गणमान्य व्यक्तियों के हस्ताक्षर हैं । भाजपा के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया ने भी इस मांग का समर्थन किया है तथा ‘प्रशासन कठोर कार्रवाई करे’, ऐसी मांग की है ।

संपादकीय भूमिका

स्वयं अनधिकृत शेड का निर्माण करना तथा उसका हिन्दुओं ने विरोध किया तो, उन पर ही आक्रमण करना । ऐसे कृत्य कभी ‘भयभीत मुसलमान’ करेगा क्या ? ऐसा प्रश्न अब पुरो(अधो)गामियों से पूछा जाना चाहिए !