Bhojshala Case : (और इनकी सुनिये ) ‘तथ्य सही प्रकार से प्रस्तुत नहीं किए गए ।’– मुसलमान पक्ष

भोजशाला के प्रकरण में मुस्लिम पक्ष ने सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी ।

धार (मध्यप्रदेश) – भोजशाला के प्रकरण में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के विरोध में मुसलमान पक्ष ने सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है । मुसलमान पक्ष ने विशेष अनुमति याचिका प्रविष्ट की । उच्च न्यायालय ने ६ दिन पहले भोजशाला परिसर को श्री वाग्देवी मंदिर से संबंधित प्राचीन धार्मिक स्थल माना था ।

मुस्लिम समाज के ‘सदर’ (धार्मिक कार्य, मदरसे, वक्फ संपत्तियों की देखरेख करने वाले अधिकारी) अब्दुल समद ने कहा कि इस निर्णय से समाज में निराशा है त्तथा इसे एकतरफा बताते हुए चुनौती दी गई है । वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद इस प्रकरण में शीघ्र सुनवाई एवं उच्च न्यायालय के आदेश पर स्थगन की मांग करेंगे । न्यायालय के समक्ष कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सही प्रकार से प्रस्तुत नहीं किए गए । कमाल मौला मस्जिद में लगभग ७०० वर्षों से शुक्रवार की नमाज अदा की जा रही है । इस परंपरा पर प्रभाव पडने से समाज में दुःख है, परंतु यह लडाई पूरी तरह संवैधानिक तथा कानूनी कार्यक्षेत्र में ही लडी जाएगी ।

शहर काजी (इस्लामी कानून विशेषज्ञ एवं न्यायाधीश) वकार सादिक ने कहा कि मुसलमान समाज न्याय व्यवस्था का सम्मान करता है एवं अब सर्वोच्च न्यायालय से न्याय की अपेक्षा है ।

संपादकीय भूमिका

पुरातत्व विभाग द्वारा किए गए सर्वेक्षण के बाद उच्च न्यायालय ने भोजशाला को हिन्दुओं का मंदिर बताया है, इसलिए मुसलमान कितना भी विरोध करें, सत्य नहीं बदलेगा ।