नरसंहार का इतिहास रखने वाले देश को भारत को उपदेश नहीं देना चाहिए

  • संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को सुनाई खरी-खोटी 

  • पाकिस्तान ने कश्मीर का विषय उठाया था 

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पार्वतानेनी

न्यूयॉर्क (अमेरिका) – संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने पाकिस्तान को कडे शब्दों में डांट (फटकार) लगाई । परिषद की एक चर्चा के समय पाकिस्तान ने कश्मीर का विषय उठाते हुए कहा कि भारत ने उस पर अवैध अधिकार (कब्जा) कर रखा है तथा वहां जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए । इस पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पार्वतानेनी ने पाकिस्तान की तीखी आलोचना की । भारत के प्रतिनिधि हरीश पार्वतानेनी ने कहा कि नरसंहार के लंबे इतिहास से दागदार पाकिस्तान द्वारा भारत के पूर्णतः आंतरिक विषयों का उल्लेख करना एक बडा विरोधाभास है तथा उसे ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है ।

पाकिस्तान द्वारा इस वर्ष के प्रारम्भ में अफगानिस्तान पर किए गए भीषण आक्रमणों का उल्लेख करते हुए पार्वतानेनी ने आगे कहा कि रमजान के पवित्र माह में पाकिस्तान ने काबुल के एक अस्पताल पर भयानक आक्रमण किया था । हिंसा की इस अमानवीय घटना में २६९ नागरिक मारे गए । यह आक्रमण किसी भी सैन्य लक्ष्य से संबंधित नहीं था । ऐसी घटना किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराई जा सकती । इसके बाद भी अंतरराष्ट्रीय कानून एवं सिद्धांतों की बातें करना पाकिस्तान का ढोंग है ।

संपादकीय भूमिका

भारत को संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को आईना दिखाने के साथ-साथ पूरे कश्मीर को अपने नियंत्रण में लेने के लिए रणनीति बनाकर वैसी कार्यवाही भी करनी चाहिए । तभी ये खरी-खोटी केवल शब्दों तक सीमित न रहकर उसे ठोस कार्यवाही का समर्थन भी मिलेगा ।