(और इनकी सुनिए…) “बकरी ईद के दिन गोहत्या करेंगे ही करेंगे !” – हुमायू कबीर

विधायक हुमायूं कबीर ने बंगाल सरकार को चुनौती दी

हुमायू कबीर एवं शुभेंदु अधिकारी

मुर्शिदाबाद (बंगाल) – बंगाल की भाजपा सरकार ने बकरी ईद के उपलक्ष्य में कुर्बानी के संबंध में निर्देश निर्गमित करते हुए, गाय के साथ-साथ रुग्ण एवं कम आयु के जानवरों की कुर्बानियों पर प्रतिबंध लगाया है । इसके साथ-साथ सरकार ने पहले से ही राज्य में गोहत्या पर प्रतिबंध लगा रखा है, तदापि ‘बकरी ईद के दिन गोहत्या करेंगे ही’ – ऐसा यहां के विधायक हुमायूं कबीर ने घोषित किया है । (विधायक हुमायूं को तुरंत बंदी बना कर कारागृह में डाल देना चाहिए एवं उन्हें कठोरतम दंड देना चाहिए, जिससे वे पुन: ऐसा बोलने या गोहत्या करने का दुस्साहस न कर सकें — ऐसा हिन्दू जनता का मत है ! – संपादक)

विधायक हुमायूं यहां बाबरी मस्जिद पुनर्निर्माण कर रहे हैं । विधायक हुमायूं कबीर ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से सीधे कह रहा हूं, आग के साथ खेलो मत । यदि उन्होंने कुर्बानी पर प्रतिबंध लगाने का प्रयत्न किया तो उनके समक्ष खडी हों जाएंगी । कुर्बानी के प्रकरण में मुसलमान कोई समझौता नहीं करेंगे । बकरी ईद के दिन गायों की कुर्बानी अवश्य दी जाएगी; शुभेंदु कुछ भी करें ।

(और इनकी सुनिए…) “यदि धार्मिक प्रकरणों में हस्तक्षेप करने का कोई प्रयास हुआ, तो राज्य का वातावरण दूषित हो जाएगा !”

नमाज अदा करने से संबंधित सरकार के निर्देशों पर भी हुमायूं कबीर ने धमकी देते हुए कहा कि यदि धार्मिक प्रकरणों में हस्तक्षेप करने का कोई भी प्रयास हुआ तो राज्य का वातावरण बिगड जाएगा एवं उसके लिए सरकार उत्तरदायी होगी ।

मुसलमान संगठनों ने भी हुमायूं का समर्थन किया !

विधायक हुमायूं के इस वक्तव्य के उपरांत कुछ मुस्लिम संगठन सार्वजनिकरूप से उनके समर्थन में आ गए हैं । “धार्मिक स्वतंत्रता संविधान द्वारा दिया गया अधिकार है, इसलिए किसी भी समुदाय की परंपराओं पर प्रतिबंध लगाने या उन्हें लक्ष्य बनाने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए,” ऐसा उन्होंने कहा है ।

संपादकीय भूमिका

  • हिन्दुहृदयसम्राट बाळासाहेब ठाकरे यदि आज जीवित होते, तो वे घोषणा करते कि "यदि इस दिन कोई गोहत्या करता है, तो हिन्दुओं को सूअर की बलि देनी चाहिए एवं सूअर का मांस परोसा जाना चाहिए" - ऐसा किसी को भी लग सकता है !
  • बकरी ईद के दिन मुसलमानों की बकरी की कुर्बानी की परंपरा के होते हुए केवल हिन्दुओं का अपमान करने के उद्देश्य से अब तक गोहत्या की जा रही है । कई राज्यों में गोहत्या पर प्रतिबंध होने के होते हुए मुसलमान विचार पूर्वक गोहत्या करते हैं । उसी मानसिकता से हुमायूं कबीर चुनौती दे रहे हैं । इनके विरुद्धअब हत्या का अपराध प्रविष्ट करके मृत्यु दंड देने का कानून बनाना आवश्यक है !