यज्ञ के प्रचार हेतु अब तक २४३ पारिवारिक बैठकें तथा २५ से अधिक सामूहिक बैठकें आयोजित !

मुंबई, १३ मई (वार्ता.) – आदिशक्ति देवी सती के १० स्वरूपों अर्थात दशमहाविद्याओं में से एक श्री राजमातंगी देवी हैं । श्री राजमातंगी देवी आदिशक्ति की प्रधानमंत्री (सलाहकार) तथा शक्ति एवं वाणी की देवी हैं । राष्ट्र के सर्वांगीण विकास एवं धर्मकार्य के लिए देवी का आशीर्वाद अत्यंत महत्त्वपूर्ण है । इसलिए देवी का आशीर्वाद सभी को प्राप्त हो, इस उद्देश्य से मुंबई, मुंबई उपनगर, ठाणे तथा रायगढ के शहरी क्षेत्रों में सोसायटियों में, तथा ग्रामीण क्षेत्रों में गांव-गांव तथा वाडियों में बैठकें लेकर महायज्ञ का प्रचार किया जा रहा है । यज्ञ के प्रचार हेतु अब तक २४३ पारिवारिक बैठकें तथा २५ से अधिक सामूहिक बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं । इनके माध्यम से सहस्रों जिज्ञासुओं तक महायज्ञ का महत्त्व पहुंचाया गया है ।

रायगढ, ठाणे तथा पालघर जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर ग्रामवासियों की बैठकें ली जा रही हैं । मंदिरों के ट्रस्टियों, हिन्दू जनजागृति समिति के युवा प्रशिक्षण वर्गों में आनेवाले युवाओं, तथा गृहसंकुलों के नागरिकों की भी बैठकें आयोजित की जा रही हैं ।

१०० से अधिक पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं तथा सैकडों साधक-धर्मप्रेमियों द्वारा महायज्ञ का प्रचार !
वर्तमान में १०० से अधिक सनातन के साधक एवं धर्मप्रेमी महायज्ञ के प्रचारकार्य में सक्रिय हैं । इसके अतिरिक्त नौकरी-व्यवसाय करनेवाले साधक-धर्मप्रेमी तथा कुछ गृहिणियां भी पिछले कुछ दिनों से महायज्ञ के प्रचार में जुटी हुई हैं ।
महनीय व्यक्तियों ने कराया पंजीकरण !![]() डॉक्टर, अधिवक्ता, प्राध्यापक, उद्योगपति, मंदिर ट्रस्टी, राजनीतिक क्षेत्र से जुडे व्यक्ति, पत्रकार आदि अनेक माननीय व्यक्तियों ने श्री राजमातंगी महायज्ञ में आने हेतु पंजीकरण कराया है । यज्ञ का आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने के लिए अनेक लोग परिवार सहित उपस्थित रहनेवाले हैं । |

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