मुम्बई नगरमहापालिका में विचित्र प्रकरण ! बजट पर चर्चा के समय उपायुक्त भ्रमणभाष (मोबाइल) देखने में व्यस्त !

  • अतिरिक्त आयुक्त के आने तक कामकाज रुका

  • उपायुक्त ने क्षमा नहीं मांगी

मुम्बई – यहां महानगरपालिका के सदन में बजट पर चर्चा चालू रहते समय अतिरिक्त आयुक्त के आसन पर बैठी उपायुक्त संध्या नांदेडकर भ्रमणभाष देखने में व्यस्त थीं । इस पर भाषण कर रहे भाजपा के नगरसेवक प्रवीण छेडा ने भाषण बीच में ही रोककर इस पर तीव्र आपत्ति ली । वे बोले , ‘‘इस प्रकार के व्यवहार के कारण सदन के कामकाज को गंभीरता से नहीं लिया जाता ।’’ सदन में महत्त्वपूर्ण विषयों पर चर्चा चालू रहते समय अधिकारी के भ्रमणभाष देखने के कारण नगरसेवकों ने भी अप्रसन्नता व्यक्त की । इसके कारण कामकाज रोकना पडा । नांदेडकर ने क्षमा नहीं मांगी , इसलिए उपमहापौर घाडी ने सचिव विभाग को निर्देश देते हुए अतिरिक्त आयुक्त को सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा । अन्त में अतिरिक्त आयुक्त अविनाश ढाकणे के सदन में आने पर कामकाज प्रारम्भ हुआ ।

भाजपा के नगरसेवकों ने कहा , ‘‘सदन में अधिकारी एवं नगरसेवक को अनुशासन रखना आवश्यक है । चर्चा चालू रहते समय भ्रमणभाष का उपयोग टालना चाहिए ।’’ (ऐसा क्यों बताना पडता है ? अधिकारियों को अपने उत्तरदायित्व का भान क्यों नहीं है ? – सम्पादक)

महापौर एवं उपमहापौर के बगल में प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी के रूप में अतिरिक्त आयुक्त का बैठना अनिवार्य है ; परन्तु बजट पर चर्चा मध्यरात्रि १२ बजे तक चालू रहने के कारण अतिरिक्त आयुक्त ने अन्य कार्य करने के लिए सदन में बैठने का तात्कालिक उत्तरदायित्व उपायुक्त पर सौंपा था ।

संपादकीय भूमिका

सदन का अनुशासन भंग करने एवं सदस्यों का समय व्यर्थ करने के लिए संबंधित उपायुक्त पर कार्यवाही होगी क्या ?