Saurabh Chicken Biryani : उत्तराखंड में ‘सौरभ चिकन बिर्याणी’ नाम से दुकान चलाने वाला निकला राशिद !

हिन्दुओं को ‘हलाल’ (इस्लामी नियमों के अनुसार पशु वध कर तैयार किया गया) मांस खिलाए जाने पर आक्रोश

दुकान चलाने वाला निकला राशिद

देहरादून (उत्तराखंड) – राज्य में एक बार फिर दुकान के नाम को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है । रुद्रपुर के एक युवक ने जोमैटो के माध्यम से ‘सौरभ चिकन बिर्याणी’ नामक दुकान से बिर्याणी मंगाई । ऑर्डर देने के पश्चात युवक को संदेह हुआ, इस कारण उसने जानकारी की । जांच में सामने आया कि ‘सौरभ चिकन बिर्याणी’ नाम से प्रदर्शित दुकान वास्तव में राशिद नामक व्यक्ति द्वारा संचालित की जा रही है । यह जानकारी सामने आने के पश्चात स्थानीय हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता वहां पहुंचे तथा आपत्ति व्यक्त की । बाद में इन संगठनों से जुडे लोगों ने भाजपा विधायक शिव अरोरा के नेतृत्व में पुलिस से मिलकर कार्यवाही की मांग की ।

१. बिर्याणी मंगाने वाले युवक ने ‘सौरभ चिकन बिर्याणी’ दुकान का पता खोजा । उसे ज्ञात हुआ कि त्रिशूल चौक क्षेत्र में कोई भी हिन्दू नाम का दुकान संचालक नहीं है ।

२. इसके बाद उसने अपने साथियों को बुलाया तथा कुछ युवकों के साथ त्रिशूल चौक पहुंचकर डिलीवरी कर्मी की प्रतीक्षा करने लगा । जब डिलीवरी कर्मचारी बिर्याणी लेने दुकान पर पहुंचा, तब युवकों ने विरोध व्यक्त किया ।

३. जानकारी के अनुसार यह दुकान राशिद नामक व्यक्ति द्वारा संचालित की जा रही है । युवकों का आरोप है कि दुकानदार ने जोमैटो पर ‘सौरभ’ नाम से पंजीकरण कर लोगों को भ्रमित किया है ।

४. आरोप यह भी है कि ‘सौरभ’ नाम होने के कारण हिन्दू समाज के लोग अनजाने में ‘हलाल’ मांस का सेवन कर रहे हैं, जो उनकी धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध बताया जा रहा है ।

संपादकीय भूमिका

  • हिन्दू नामों का उपयोग कर हिन्दुओं को भ्रमित करने तथा उनकी धार्मिक भावनाओं के विरुद्ध उन्हें ‘हलाल’ मांस परोसने का आरोप !
  • सामान्यतः मुसलमानों द्वारा हिन्दुओं को ‘काफिर’ (इस्लाम के अनुयायी न होने वाले) कहा जाता है ; किंतु आर्थिक लाभ के लिए हिन्दू नाम धारण कर व्यवसाय करना तथा हिन्दू ग्राहकों से धन लेना—इस प्रकार के व्यवहार को लेकर दोहरे मापदंड होने का आरोप लगाया गया है ।