‘टी.सी.एस्.’ संस्थान में व्यवसाय जिहाद
नाशिक – यहां के प्रतिष्ठित ‘टी.सी.एस्.’ संस्थान में यौन उत्पीडन के साथ महिला कर्मचारियों को बुर्का धारण करने एवं नमाज पढने के लिए विवश किया जा रहा था । आरोपी हिन्दू देवताओं का अत्यंत अश्लील पद्धति से अपमान भी करते थे ।
१. २५ वर्षीय पीडित हिन्दू युवती ने बताया कि, मे २०२५ में उसने सोमवार का व्रत किया था । तब तौसीफ ने उसके पटल (डेस्क) पर महादेव की मूर्ति देखकर पूछा, ‘‘क्या वास्तव में देव हैं ? पार्वती ने गणेश को जन्म दिया, तो उन्हें उस विषय में ज्ञान क्यों नहीं था ?’’ ऐसा कहकर वह हिन्दू धर्म का उपहास करने लगा । उसने कहा, ‘‘ब्रह्मदेव ने अपनी पुत्री के साथ अनुचित कार्य किया था । कृष्ण ने १६ सहस्र महिलाओं से विवाह किया, इससे कृष्ण कैसे थे, यह ज्ञात होता है ।’’
२. एक अन्य पिडिता द्वारा की गई आरोप के अनुसार आरोपी तौसीफ उसे निरंतर इस्लाम की श्रेष्ठता बताकर हिन्दू धर्म को हीन सिद्ध करता था । ‘हिन्दुओं के देव दृश्यमान हैं; इसलिए वे असत्य हैं, वास्तविक देव वही है, जो अदृश्य है’, ऐसा उसने कहा । दिसंबर २०२५ में मध्याह्न भोजन के पश्चात पीडिता छाछ पी रही थी । तब धर्मांध तौसीफ ने उससे पूछा, ‘‘मेरे पास भी छाछ है । क्या पीना चाहोगी ?’’ इस समय उसने शरीर के निजी अंगों की ओर हस्त-संकेत किया ।
३. एक पीडित विवाहित महिला के पति पुणे में निवास करते हैं । उसने बताया कि, आरोपी रजा मेमन उससे पूछता था, ‘पति के साथ क्यों नहीं रहती ? नव विवाह के समय घूमने (हनीमून) हेतु कहां गई थी ? वहां क्या तथा कैसे किया ?’ आसिफ अंसारी ने भोजन के समय उसकी जंघा पर हाथ रखकर ‘शारीरिक सुख की आवश्यकता हो तो बताओ, मैं पूर्ण करुंगा’, ऐसा भी कहा ।
४. एक पीडिता ने बताया कि, शफी शेख कार्य के बहाने निकट आकर अपना पैर उसके पैर से घर्षण करता था । वह मुख निकट लाता तथा स्पर्श करता था । आरोपी तौसीफ अत्तार उसके अंगों के विषय में अश्लील बातें करता था । वह उसके अंगों की ओर टकटकी लगाकर देखता था ।
पूर्व प्रबंधक अश्विनी चेनानी का आरोपियों के साथ आपत्तिजनक संवाद !
पूर्व प्रबंधक अश्विनी चेनानी ने तौसीफ अत्तार के साथ ३८ बार, दानिश शेख के साथ एक बार तथा रजा मेमन के साथ २२ बार आपत्तिजनक संवाद किया था । जब युवतियों ने संस्थान में शिकायतें कीं, तब अश्विनी ने उन शिकायतों का दमन किया ।
धर्मांध तौसीफ अत्तार का लज्जास्पद व्यवहार !
‘तौसीफ जानबूझकर हिन्दू महिला कर्मचारियों के निकट आकर उनके व्यक्तिगत जीवन के विषय में चर्चा करता था । ‘क्या तुम्हारा प्रेमी है ?’ ऐसा पूछता था । वह कार्यालय की युवतियों को नेत्र-संकेत (आंख मारना) करता था ।
कार्यालय की एक पीडित महिला द्वारा बताया गया अपना भीषण अनुभव !
संबंधित संस्थान में कार्य करने वाली एक पीडित महिला ने अपना अनुभव साझा किया । ‘मैं टी.सी.एस्. संस्थान में सेवारत थी, तब भवन की छत पर मुझे एकांत में कार्य करने हेतु कहा जाता था । मेरा भ्रमणभाष (मोबाइल) सदैव जांचा जाता था । यदि मैं प्रसाधन गृह अथवा अन्यत्र जाती, तो मेरा बैग, भ्रमणभाष अथवा अन्य वस्तुएं सुरक्षा रक्षक अपने पास रख लेते थे । महिला कर्मचारियों का सुनियोजित रूप से मति-भ्रम करके उनका शोषण किया जाता था । उन्हें धर्मांतरण हेतु विवश किया जाता था । संस्थान में २० से २५ वर्ष की आयु की महिला कर्मचारियों को लक्ष्य बनाया जा रहा था । ऐसी आयु की महिलाओं अथवा युवतियों को धर्मांतरण के जाल में फंसाना सुलभ होता था । प्रबंधक भी उनके इस षड्यंत्र में सम्मिलित होने के कारण संबंधित प्रकरणों को प्रकट करना संभव नहीं था । मैं छत पर कार्य हेतु बैठती थी, इसलिए इस जाल में नहीं फंसी । कदाचित् मैं कार्यालय में बैठती, तो मेरा भी शोषण होता । मैं विगत ६ वर्षों से यहां कार्यरत हूं; परंतु फिर भी मैं जीवित हूं, इसके लिए मैं ईश्वर का आभार मानती हूं ।’ ‘कार्यालय का समय समाप्त होने के पश्चात भी कुछ महिला कर्मचारियों को रोककर रखा जाता था । ऊपरी तौर पर सब ऐसा दर्शाते थे कि कार्यालय का कार्य चल रहा है; परंतु पुरुष कर्मचारी एवं वहां रुकी हुई युवतियों-महिलाओं का व्यवहार संदेहास्पद प्रतीत होता था । महिला कर्मचारियों का मानसिक मनोबल तोडने का व्यवस्थित प्रयास चल रहा था’, ऐसा भी उसने बताया । ‘हिन्दू लडकियों से प्रेम करके विवाह करो । उन्हें धर्मांतरण हेतु बाध्य करो’, ऐसा कहा जाता था’, यह एक पीडित कर्मचारी ने बताया ।
जांच हेतु १२ सदस्यीय ‘विशेष जांच दल’ गठित !
नाशिक पुलिस ने इस प्रकरण के जांच हेतु १२ सदस्यीय ‘विशेष अन्वेषण दल’ (SIT) गठित किया है । अब तक इस संस्थान के कर्मचारी धर्मांध तौसीफ अत्तार, दानिश शेख, रजा मेमन, शाहरूख कुरैशी, आसिफ अंसारी, शफी शेख तथा अश्विनी चेनानी सहित कुल ७ व्यक्तियों को बंदी बनाया गया है । धर्मांध तौसीफ अत्तार एवं निदा खान ये दोनों इस प्रकरण के मुख्य सूत्रधार हैं । धर्मांध तौसीफ अन्य कर्मियों को लक्ष्य कर रहा था, जबकि निदा जानबूझकर उसकी सहायता कर रही थी ।
|
पीडित महिलाओं की ७८ शिकायतों की मुसलमान महिला अधिकारी द्वारा जानबूझकर उपेक्षा !
पीडित महिलाओं द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, निदा खान महिलाओं की शिकायतों की अनदेखी करती थी । वह महिला कर्मचारियों से मैत्री करके उन्हें नमाज पढना कैसे उचित है, इस विषय में बताती थी । मुसलमानों की प्रथाएं कितनी उत्तम हैं, यह उनके मन पर अंकित करती थी । पीडिताओं ने निदा खान को यौन उत्पीडन के संदर्भ में ७८ ईमेल किए थे; परंतु उसने किसी का भी संज्ञान नहीं लिया । शिकायतकर्ताओं में से एक महिला को उच्च अधिकारियों के संपर्क में नहीं आने दिया गया । (ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ! – संपादक)

यदि मुसलमान अपने पूर्वजों की परंपराओं को स्वीकार करें, तो उन्हें हिन्दू राष्ट्र में किसी प्रकार का कोई संकट नहीं होगा ! – Yogrishi Ramdev baba
लोकल रेलगाडी में वातानुकूलन यंत्र १५ मिनट तक बंद रहा यात्रियों का दम घुटा तथा अनेक महिलाएं अचेत हुईं
Jharkhand Minor Rape : ३ वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले पर १ लाख रुपये का दंड (जुर्माना) लगाकर खुला छोडा ।
Sri Mahakaleshwar Temple : मंदिर के पास ४७२ करोड रुपये की सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) तथा ३०० करोड रुपये मूल्य का स्वर्ण-रजत !
हिन्दुओं का धर्मांतरण करानेवाले पुलिस उपनिरीक्षक के ईसाई पिता को बंदी बनाया !
Shri Rammandir Ayodhya : श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद के लिए १८ जुलाई तक आवेदन आमंत्रित