Khalistani Protest : कनाडा में आंदोलन के लिए खालिस्तानियों ने ‘किराए की भीड’ एकत्र की।

  • सोशल मीडिया पर हिन्दुओं का आरोप

  • कई स्थानों पर खालिस्तानियों के आंदोलन विफल हुए ।


टोरंटो (कनाडा) – ब्रैम्पटन शहर में खालिस्तानियों ने त्रिवेणी मंदिर के बाहर भारत के विरोध में नारे लगाए । खालिस्तानियों के एकत्र होने से शहर में २ घंटे तक तनावपूर्ण वातावरण बना रहा । कनाडा के कुछ शहरों में स्वतंत्र खालिस्तान के निर्माण के लिए जनमत संग्रह करने की मांग को लेकर खालिस्तानी संगठन सक्रिय हैं । इसके अंतर्गत देश में हिन्दू मंदिरों के बाहर आंदोलन करने का प्रयास किया गया, हालांकि अधिकांश स्थानों पर ये आंदोलन विफल रहे ।

महत्त्वपूर्ण बात यह है कि सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि “खालिस्तानी आतंकवादियों ने लोगों को एकत्र करने के लिए १०० कैनेडियन डॉलर का लालच दिया । ४० से ५० लोगों को भारत के विरुद्ध नारे लगाने के लिए उकसाया गया ।”

१. ५-६ अप्रैल की दोपहर, जब मंदिर में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए एकत्र हो रहे थे, तब लगभग १२ से २ बजे के मध्य मंदिर के सामने की सडक पर खालिस्तानी समर्थक एकत्र हो गए । प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ ने मंदिर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया ।

२. इसी प्रकार का एक आंदोलन ब्रिटिश कोलंबिया में स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर के बाहर भी किया जाना था, परंतु वहां खालिस्तानियों को प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई ।

कनाडा के मीडिया की अनदेखी

कनाडा के मीडिया ने खालिस्तानियों के आंदोलन तथा हिन्दुओं के विरोध का कवरेज नहीं किया । स्थानीय हिन्दू समुदाय का आरोप है कि कनाडा के मीडिया अक्सर ऐसे प्रकरणों की अनदेखी करते हैं ।

पत्रकार दर्शन महाराजा का खालिस्तानियों पर आरोप ।

विश्लेषक और पत्रकार दर्शन महाराजा ने ‘एक्स’ पर कहा कि आंदोलन में उपस्थित एक व्यक्ति ने उन्हें बताया कि इसमें सम्मिलित होने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को १०० कैनेडियन डॉलर दिए जा रहे हैं । इसके उपरांत यह सूत्र सोशल मीडिया पर चर्चा में आया । कई लोगों ने खालिस्तानवादियों की आलोचना की । आलोचकों का कहना है कि कनाडा में खालिस्तानी आंदोलन को जीवित दिखाने के लिए अब किराए की भीड का सहारा लिया जा रहा है ।

दर्शन महाराजा ने कनाडा के राजनेताओं की भी आलोचना की । उन्होंने कहा कि पिछले ५० वर्षों से वोट तथा चंदे के लालच में नेताओं ने ऐसे तत्वों को संरक्षण दिया है । इसी का परिणाम है कि आज ये लोग अनियंत्रित, निरंकुश हो गए हैं ।

हिन्दू समुदाय का विरोध ।

‘हिन्दू कैनेडियन फाउंडेशन’ और त्रिवेणी मंदिर प्रशासन ने खालिस्तानियों के आंदोलन की निंदा की है । समुदाय के नेताओं का कहना है कि पूजा स्थलों के बाहर ऐसे राजनीतिक आंदोलन का उद्देश्य केवल श्रद्धालुओं को भयभीत करना और शांति भंग करना है ।

‘हिन्दू कैनेडियन फाउंडेशन’ ने एक वक्तव्य में कहा कि किसी भी प्रकार की धमकी या उकसाने वाली कार्यवाही उन्हें उनकी आस्था से दूर नहीं कर सकती ।