India Fuel Aid : बांग्लादेश के पश्चात भारत की अब श्रीलंका को सहायता !

३८ सहस्र मेट्रिक टन तेल की आपूर्ति की !

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के  विपक्ष के नेता प्रेमदासा

नई दिल्ली – ‘हॉर्मुझ जलडमरूमध्य’बंद होने के कारण संपूर्ण विश्व को ऊर्जा संकट का सामना करना पड रहा है । इस संकट की स्थिति में भारत ने बांग्लादेश के पश्चात अब श्रीलंका को भी तेल की आपूर्ति की है । भारत ने श्रीलंका को ३८ सहस्र मेट्रिक टन तेल की आपूर्ति की । इसमें २० सहस्र मेट्रिक टन डीजल, तथा १८ सहस्र मेट्रिक टन पेट्रोल सम्मिलित है । भारत की इस सहायता के उपरांत श्रीलंका ने भारत के प्रति कृतज्ञता भी व्यक्त की है ।

संकटकाल में चीन ने श्रीलंका की कोई सहायता नहीं की ! – विपक्ष के नेता प्रेमदासा

श्रीलंका के विपक्ष के नेता सजिथ प्रेमदासा ने भारत का आभार व्यक्त किया है । उन्होंने कहा कि, “सच्चे संबंधों की पहचान संकटकाल में ही होती है तथा भारत ने इस कठिन समय में श्रीलंका का साथ देकर यह सिद्ध कर दिया है ।” विशेष बात यह है कि श्रीलंका ने इसी वर्ष जनवरी मास में चीन के नियंत्रण वाले हंबनटोटा बंदरगाह के समीप २ लाख बैरल क्षमता वाले तेल शोधन संयंत्र (Oil Refinery) को स्थापित करने हेतु चीन के सरकारी ऊर्जा प्रतिष्ठान ‘सिनोपेक’ के साथ ३.७ अरब डॉलर (३४ सहस्र ७८० करोड रुपये) का अनुबंध किया था, इसके उपरांत भी इस संकटकाल में चीन की ओर से श्रीलंका को कोई सहायता प्राप्त नहीं हुई । ( प्रेमदासा को अब यह समझना चाहिए कि उनके देश को चीन से दूरी बनाए रखकर भारत को ‘ज्येष्ठ भ्राता’ (बड़ा भाई) स्वीकार करना चाहिए, तथा भारत की सुरक्षा में कोई बाधा न आए, इसके लिए आवश्यक कार्यवाही करनी चाहिए ! – संपादक )

प्रेमदासा की इस ‘एक्स’ पोस्ट से यह चर्चा हो रही है कि उन्होंने चीन पर परोक्ष रूप से प्रहार किया है ।

संपादकीय भूमिका 

भारत द्वारा इस प्रकार का औदार्य (उदारता) दिखाने में कुछ अनुचित नहीं है; परंतु इसके बदले में ऐसे देशों से यह आश्वासन लेना चाहिए कि वहां के हिन्दुओं तथा उनके मंदिरों पर आक्रमण नहीं होंगे, ऐसा ही हिन्दुओं को प्रतीत होता है !