Bribery : २ लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए कार्यकारी अभियंता गणेश सलगर पकडा गया !

  • रत्नागिरी जिला रिश्वतखोरी प्रतिबंधक विभाग की कार्रवाई !

  • लिपिक शेखर पवार भी कारागृह भेजा गया !

रत्नागिरी – जिला रिश्वतखोरी प्रतिबंधक विभाग ने सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता गणेश हरिदास सलगर तथा कनिष्ठ लिपिक शेखर चंद्रमणी पवार को २ लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकडा ।

१. शिकायतकर्ता व्यक्ति निर्माण व्यवसाय में कार्यरत है । उन्हें मंडणगढ तहसील की ‘छोटी सिंचाई योजना भोळवली’ की बांध की मिट्टी के उपाय का तथा बांध से होनेवाला रिसाव बंद करने का काम दिया गया था । शिकायतकर्ता ने यह काम पूरा किया था । इस काम के अंतिम बिल से ११ लाख ३० सहस्र ८९३ रुपए की कटौती की गई थी । यह धनराशि वापस लेने हेतु शिकायतकर्ता सलगर से मिला ।

२. कटौती की गई धनराशि वापस दिलाने के लिए अभियंता सलगर ने १८ मार्च को शिकायतकर्ता से ३ लाख ४० सहस्र रुपए की रिश्वत मांगी ।

३. शिकायतकर्ता ने इसके विरोध में २७ मार्च को रत्नागिरी जिला रिश्वतखोरी प्रतिबंधक विभाग में लिखितरूप से शिकायत प्रविष्ट की ।

४. इस शिकायत का सत्यापन करने के लिए २७ मार्च को २ पंचों के सामने पडताल की गई । समझौते के उपरांत रिश्वत की धनराशि २ लाख रुपए सुनिश्चित की गई ।

५. रत्नागिरी शहर पुलिस थाने के कार्यालय में जाल लगाया गया था । अभियंता सलगर ने रिश्वत की धनराशि देने पहुंचे शिकायतकर्ता को यह धनराशि लिपिक शेखर पवार को देने के लिए कहा ।

६. उसके अनुसार पवार ने शिकायतकर्ता से २ लाख रुपए स्वीकार किए । रिश्वत स्वीकार करते ही रिश्वतखोरी प्रतिबंधक विभाग के दल ने सलगर एवं पवार इन दोनों को बंदी बना लिया ।

संपादकीय भूमिका 

  • इसप्रकार भ्रष्टाचार करनेवालों को तत्काल दंड मिला, तो अन्य कोई ऐसा दुःसाहस नहीं करेगा !
  • भ्रष्टाचारियों के साथ उनकी सहायता करनेवाले अथवा उनके भ्रष्टाचार के मूकदर्शक बननेवाले उनके परिजनों की भी संपत्ति जब्त की गई, तभी ऐसी घटनाएं रूकेंगी !