UK Pakistani Grooming Gang : पाकिस्तानी ‘ग्रूमिंग’ गिरोह सिख लडकी को फंसाने के लिए लेता है ११ लाख रुपये !

  • सिख युवती ने वीडियो के माध्यम से दी जानकारी

  • मुस्लिम युवकों को हिन्दू या ईसाई लडकियों के लिए मिलते हैं साढे ५ लाख रुपये

  • प्रेम के जाल में फंसाकर शारीरिक शोषण फिर धर्मांतरण

सेक्शुअल ग्रूमिंग) का अर्थ है छोटी लडकियों या युवतियों को बहला-फुसलाकर जाल में फंसाना, उन्हें परिवार से दूर ले जाना और उनका यौन शोषण करना)

लंदन (ब्रिटेन): यूनाइटेड किंगडम में ‘ग्रूमिंग गैंग’ (बहला-फुसलाकर फंसानेवाला गिरोह) द्वारा किसी ‘कौर’ (सिख लडकी) को ‘खान’ बनाने पर १० हजार पाउंड (लगभग ११ लाख रुपये) दिए जा रहे हैं । इंग्लैंड में रहनेवाले नवदीप सिंह नामक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर एक युवती का वीडियो साझा करते हुए यह जानकारी दी है कि पाकिस्तानी मूल का एक ग्रूमिंग गिरोह सुनियोजित षडयंत्र के तहत गैर-मुस्लिम लडकियों, विशेषकर सिख लडकियों को निशाना बना रहा है ।

वीडियो में सिख युवती आगे बताती है कि यह गिरोह पहले लडकियों को लक्षित कर उनसे भावनात्मक रूप से जुडता है, फिर उन्हें महंगी गाडियों तथा रेस्तरां में घुमाता है । जब लडकी उनके जाल में पूर्णरूप से फंस जाती है, तब उसका धर्म परिवर्तन कराया जाता है । अलग-अलग धर्मों की लडकियों को फंसाने के लिए अलग-अलग दरें (रेट) निश्चित की गई हैं । यदि कोई मुस्लिम युवक किसी सिख लडकी को फुसलाकर मुस्लिम बनाता है, तो उसे १० हजार पाउंड मिलते हैं । वहीं, किसी हिन्दू अथवा ईसाई लडकी का धर्म परिवर्तन कराने पर ५ हजार पाउंड (लगभग साढे ५ लाख रुपये) दिए जाते हैं ।

एक धर्म के सभी लोग बुरे नहीं होते

युवती ने यह भी कहा कि यह वीडियो किसी भी धर्म के विरुद्ध नहीं है न ही किसी को लक्ष्य बनाने के लिए बनाया गया है । किसी भी धर्म के सभी लोग बुरे नहीं होते । कुछ लोग ऐसे होते हैं जो पूरे धर्म का अपयश करते हैं ।

भाजपा के नेता का अंतरराष्ट्रीय संगठनों से आह्वान

भाजपा के पंजाब प्रवक्ता सरचंद सिंह ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से अनुरोध किया है कि इस प्रकरण को केवल धार्मिक घटना न मानकर महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान से जुडा वैश्विक विषय समझकर गंभीरता से लिया जाए ।

ग्रूमिंग गिरोह कैसे काम करता है ?

१. लक्ष्य निर्धारित करना : ग्रूमिंग गिरोह के मुस्लिम युवक कॉलेज, शॉपिंग मॉल या सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी लडकियों को ढूंढते हैं जो भावनात्मक रूप से निर्बल (कमजोर) हों या जिनका परिवार से कुछ मतभेद चल रहा हो । आर्थिक रूप से निर्बल एवं विदेश में पढने आई लडकियों को प्राथमिकता से लक्ष्य बनाया जाता है ।

२. पहचान परिवर्तित कर झूठी छवि बनाना : लडकी का चयन करने के पश्चात युवक अपने नाम लडकी के धर्म के अनुसार परिवर्तित कर देते हैं । वे स्वयं को बहुत धनी एवं आधुनिक दिखाकर लडकी से मित्रता करते हैं । महंगी गाडियों एवं ब्रांडेड (महंगे) कपडों से प्रभावित करते हैं ।

३. जलपान गृह (रेस्टोरेंट) तथा मॉल में घुमाना : गिरोह के सदस्य लडकियों को फंसाने के लिए उन्हें जलअंग गृह मॉल में घुमाते हैं, जिससे उन्हें आकर्षित किया जा सके ।

४. प्रेम एवं ध्यान देना : आरंभ में लडकी को इतना प्रेम एवं ध्यान दिया जाता है कि उसे लगता है कि वही उसका सच्चा प्रेमी है । उसे बडे-बडे सपने दिखाए जाते हैं तथा विवाह का लोभ दिया जाता है ।

५. परिवार से अलग करना एवं निर्भर बनाना : धीरे-धीरे लडकी के मन में उसके परिवार एवं धर्म के प्रति संदेह या घृणा उत्पन्न की जाती है, जिससे वह अपने संबंधियों से दूर होकर पूरी तरह उस युवक पर निर्भर हो जाए ।

६. ब्लैकमेलिंग एवं शोषण : एक बार लडकी जाल में फंसने के उपरांत उसका शारीरिक शोषण आरंभ किया जाता है । आपत्तिजनक वीडियो एवं फोटो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया जाता है ।

७. धर्मांतरण : इसके पश्चात विवाह या सुरक्षा का बहाना बनाकर लडकी पर धर्मांतरण के लिए दबाव डाला जाता है । यदि वह सिख होती है तो उसका ‘कौर’ उपनाम परिवर्तित कर ‘खान’ कर दिया जाता है ।

संपादकीय भूमिका

  • यूनाइटेड किंगडम पाकिस्तानी मुसलमानों के नियंत्रण में जा रहा है तथा भविष्य में वहां इस्लामी राज्य आएगा, यह स्पष्ट है । इस स्थिति को रोकने के लिए ब्रिटिश एवं अन्य धर्मों के लोगों को संगठित होकर प्रयास करना आवश्यक है !
  • यूनाइटेड किंगडम में बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं से ‘द केरल स्टोरी २’ जैसी फिल्मों को भारत की भांति वहां भी सभी युवतियों को दिखाकर जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है !