सातारा में २२ मार्च को चतुर्थ ‘महाराष्ट्र मंदिर न्यास परिषद’ का आयोजन !

१ सहस्र से अधिक मंदिर प्रतिनिधियों की उपस्थिति में होगा मंदिर सरकारीकरण, सुरक्षासहित विभिन्न विषयों पर विचारमंथन !

पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए बाईं ओर से अधिवक्ता जनार्दन करपे, श्री. गजानन भोसले, श्री. संजय जोशी, पू. निळकंठ शिवाचार्य धारेश्वर महाराज, श्री. शिवाजीराव तुपे एवं श्री. हेमंत सोनावणे

सातारा, १७ मार्च (संवाददाता) : लाखों वर्षाें से हिन्दू धर्म की आधारशिला रहे मंदिर वर्तमान समय में ‘सेक्युलरवाद’के नाम पर विभिन्न आघात सहन कर रहे हैं । मंदिरों का सरकारीकरण, मंदिरों में होनेवाला भ्रष्टाचार, मंदिरों की भूमि हडपना, तिरुपतति बालाजी जैसे मंदिर के प्रसाद में मिलावट, मंदिरों की भूमि पर ‘वक्फ’का बढता अतिक्रमण जैसे समस्याओं के समाधान के लिए ‘मंदिर महासंघ’ कार्यरत है । उस दृष्टि से कुल मिलाकर ऐसी समस्याओं पर गहन विचारमंथन हो, मंदिरों का संगठन हो, मंदिरों की समस्याएं सरकार के सामने रखने हेतु प्रधानता लेना जैसे विषयों पर विचारमंथन करने के लिए महाराष्ट्र मंदिर महासंघ, मुंबई की ‘श्री जिवदानीदेवी संस्था’, ‘श्री ज्योतिर्लिंग भीमाशंकर देवस्थान’ एवं हिन्दू जनजागृति समिति के संयुक्त तत्त्वावधान में २२ मार्च को साकारा के स्वराज मंगल कार्यालय, कोरोगांव मार्ग, सातारा में चतुर्थ ‘महाराष्ट्र मंदिर न्यास परिषद’ का आयोजन किया गया है । इस परिषद में संपूर्ण महाराष्ट्र से १ सहस्र से अधिक निमंत्रित मंदिरों के न्यासी, प्रतिनिधि, पुरोहित, मंदिरों की रक्षा के लिए लडनेवाले अधिवक्ता, अध्येता आदि सहभागी होनेवाले हैं, ऐसी जानकारी ‘मंदिर महासंघ’के महाराष्ट्र राज्य संगठक श्री. संजय जोशी ने पत्रकार वार्ता में दी ।

इस पत्रकार वार्ता में पू. नीलकंठ शिवाचार्य धारेश्वर महाराज, अधिवक्ता जनार्दन करपे, महाराष्ट्र मंदिर महासंघाचे सातारा जिला संयोजक श्री. शिवाजीराव तुपे, भुईंज के श्री महालक्ष्मी देवस्थान के न्यासी श्री. गजानन भोसले तथा हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. हेमंत सोनावणे उपस्थित थे ।

मंदिरों का संगठन करने के लिए ‘मंदिर महासंघ’ प्रयासरत ! – पू. नीलकंठ शिवाचार्य धारेश्वर स्वामी महाराज

वर्तमान समय में मंदिरों की बडे स्तर पर उपेक्षा हो रही है । मंदिरों का जतन एवं संवर्धन होना आवश्यक है । धर्म टिका रहा, तभी हम टिके रह पाएंगे ! अनेक मंदिरों का सरकारीकरण हुआ है । मंदिरों के कामकाज में अनेक घोटाले सामने आते हैं । अनेक स्थानों पर यही स्थिति है । इस स्थिति में परिवर्तन लाने हेतु मंदिरों का सरकारीकरण महत्त्वपूर्ण है । इसके लिए ‘मंदिर महासंघ’ प्रयासतर है ।

मंदिरों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए ‘मंदिर महासंघ’ निरंतर लडाई लड रहा है ! – शिवाजीराव तुपे

मंदिर महासंघ के १७ सहस्र से अधिक न्यासियों, पुरोहितों, धार्मिक संस्थाओं एवं भक्तों का संगठन है तथा महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक इत्यादि राज्यों में स्थित २ सहस्र ४०० से अधिक मंदिरों में वस्त्रसंहिता लागू की गई है । मंदिर महासंघ ने महाराष्ट्र के मंदिरों की सैकडों एकर भूमि घोटालेबाजों से बचाई है । कर्नाटक में मंदिर महासंघ के विरोध के कारण मंदिर से धन लेनेवाला ‘मंदिर एवं धर्मादाय संस्था कर संशोधन विधेयक २०२४’ पारित नहीं हो पाया, साथ ही कर्नाटक से अस्तित्वहीन हो चुके मंदिरों के पुनर्अस्तित्व के लिए आंदोलन किया गया । इसके साथ ही मंदिरों के विभिन्न प्रश्नों के लिए मंदिर महासंघ निरंतर लडाई लड रहा है ।

परिषद में अनेक संतों एवं मान्यवर उपस्थित रहेंगे ! – हेमंत सोनावणे

इस परिषद में राज्य के फलोत्पादनमंत्री भरतशेठ गोगावले, जैन मंदिर के श्री. गिरीश शहा, मंदिर क्षेत्र में कार्यरत लेखक-अध्येता श्री. संदीप सिंह, श्री क्षेत्र आळंदी के ‘ज्ञानेश्वर महाराज संस्थान’के प्रमुख न्यासी योगी निरंजननाथ महाराज, देहू-आळंदी के मंदिरों के न्यासी, ११ हनुमानजी मंदिरो ंके न्यासी, ‘मंदिर महासंघ’के राष्ट्रीय संगठक श्री. सुनील घनवटसहित ‘श्री अष्टविनायक मंदिरों’ के न्यासी, महाराष्ट्र के जोतिर्लिंग देवस्थानों के न्यासी, सनातन संस्था की सद्गुरु स्वाती खाडयेजी, संतपीठ के प्रतिनिधि, अन्य मंदिरों के विश्वस्त आदि मान्यवर सहभागी होंगे ।

मंदिर परिषद में मंदिरों की सुरक्षासहित अनेक महत्त्वपूर्ण विषयों पर होगा विचारमंथन !

इस मंदिर परिषद में मान्यवरों का मार्गदर्शन, मंदिरों से संबंधित विभिन्न विषयों पर परिचर्चाएं होंगी । इसमें मंदिरों की सुरक्षा, मंदिरों को सनातन धर्मप्रचार के केंद्र बनाना, मंदिरों को सरकारीकरण से मुक्त करना, ‘वक्फ कानून’ के नाम पर मंदिरों की भूमियों पर होनेवाला अतिक्रमण रोकना, मंदिरों को हडपे जाने से रोकना, मंदिर एवं तीर्थस्थलों से के परिसर में मदिरा-मांस बंदी, उपेक्षित मंदिरों का जीर्णोद्धार आदि विषयों पर विचारमंथन होगा । यह परिषद केवल निमंत्रितों के लिए ही है तथा इसमें सहभागी होने के लिए ७०२०३८३२६४ इस चल-दूरभाष क्रमांक से संपर्क साधने का ‘मंदिर महासंघ’ ने आवाहन किया है ।