हम सभी हाथों से बहुत से कार्य करते हैं जैसे कि – लिखना, कपडे धोना, सब्जी काटना, टाइपिंग करना इत्यादि । कल्पना कीजिए कि यदि कल वेदना के कारण हमें ये कार्य करना संभव ही न हो तो ? हमारे घर और कार्यालय के सभी कार्य ठप्प हो जाएंगे । जिन्होंने इसका अनुभव किया है, उन्हें अलग से बताने की आवश्यकता नहीं है । इस प्रकार हमें कष्ट देनेवाली अनेक व्याधियों में से एक है ‘टेनिस एल्बो’ । आइए, इसके विषय में विस्तार से समझ लेते हैं…

१. ‘टेनिस एल्बो’ (लैटरल एपिकॉन्डालजिया)
‘टेनिस एल्बो’ को चिकित्सकीय भाषा में ‘लैटरल एपिकॉन्डालजिया’ कहा जाता है । यह अधिकतर प्रौढों में होनेवाली कोहनी दर्द की एक सामान्य समस्या है । ‘टेनिस एल्बो’ नाम से ऐसा प्रतीत होता है कि ‘यह समस्या केवल टेनिस खेलनेवाले खिलाडियों को ही होती है’; परंतु वास्तव में ऐसा नहीं है । शोध के अनुसार टेनिस एल्बो से ग्रस्त व्यक्तियों में केवल ५ से १० प्रतिशत रोगी ही टेनिस खिलाडी होते हैं । यह समस्या बहुधा प्रतिदिन कार्य करते समय हाथ, कलाई और कोहनी का अधिक मात्रा में उपयोग करनेवाले व्यक्तियों में पाई जाती है ।
२. ‘टेनिस एल्बो’ किसे हो सकता है?
‘टेनिस एल्बो’ विशेष रूप से ३५ से ५५ वर्ष के आयु वर्ग के लोगों को अधिक मात्रा में होता है; क्योंकि इस आयु में शरीर की मरम्मत करने की क्षमता और मांसपेशियों की शक्ति थोडी न्यून (कम) हो जाती है; परंतु कार्य का तनाव वैसा ही या उससे अधिक रहता है । जिन कार्यों में निरंतर पकड बनाए रखना, कलाई या हाथ (फोर-आर्म) को घुमाना अथवा हाथों से श्रम करना आवश्यक होता है जैसे कि – श्रमिक, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, बढई, रसोईया, कंप्यूटर का उपयोग करनेवाले और कारखानों के कर्मचारी, उनमें यह समस्या अधिक पाई जाती है । इसके अतिरिक्त, अचानक अधिक कार्य आरंभ करना, अर्थात छुट्टियों में अधिक खेलना या बहुत समय तक विश्राम करने के पश्चात पुनः कार्य आरंभ करनेवाले व्यक्तियों को यह कष्ट हो सकता है ।

३. ‘टेनिस एल्बो’ में वास्तव में क्या होता है ?
कोहनी से कलाई तक जानेवाली मांसपेशियों के स्नायुबंध (टेंडन) पर तनाव आने के कारण वहां वेदना उत्पन्न होती है । पूर्व में ‘सूजन (इन्फ्लेमेशन) आना’ ही टेनिस एल्बो का मुख्य कारण माना जाता था; परंतु अब शोध से यह सिद्ध हुआ है कि ‘यह समस्या टेंडन की क्षति होने और टेंडन में चोट लगने पर उसके पूर्णतः स्वस्थ न हो पाने’ के कारण होती है । इसमें मुख्य रूप से कोहनी के बाहरी भाग में स्थित स्नायुबंध (टेंडन) प्रभावित होते
हैं । यह स्नायुबंध कलाई को सीधा रखनेवाली मांसपेशियों को कोहनी से जोडनेवाला होता है । जब हम कोई भी वस्तु पकडते हैं, जैसे कि रैकेट, माउस इत्यादि, तब ये मांसपेशियां कलाई को स्थिर रखती हैं । कलाई पर निरंतर तनाव बना रहने से और उसे पर्याप्त विश्राम न मिलने पर टेंडन में सूक्ष्म घाव हो जाते हैं । जब शरीर उन्हें ठीक नहीं कर पाता, तब वेदना होती है और शक्तिहीनता (दुर्बलता) आती है ।

४. ‘टेनिस एल्बो’ आरंभ होने के कारण
४ अ. मुख्य कारण : कलाई को सीधे और ऊपर की दिशा में मोडकर रखना या कलाई की निरंतर गतिविधि करते हुए कार्य करते रहना, टेनिस एल्बो होने का मुख्य कारण है ।
४ आ. सामान्य कारण : अधिक समय तक माउस का उपयोग करना, घरेलू कार्य, कपडे निचोडना, हाथों से भारी कार्य करना और बैठने की दोषपूर्ण पद्धति इसके सामान्य कारण हैं ।
५. ‘टेनिस एल्बो’ के लक्षण
५ अ. वेदना होना : टेनिस एल्बो में कोहनी के बाहरी ओर वेदना का अनुभव होता है । यह वेदना हाथ के निचले भाग में फैल सकती है । वस्तु पकडते समय, हल्की वस्तु उठाते समय, द्वार का ‘हैंडल’ घुमाते समय, हाथ मिलाते समय, टंकण करते समय या लिखते समय वेदना प्रचण्ड हो जाती है ।
५ आ. पकड शिथिल (कमजोर) प्रतीत होती है और हाथ शीघ्र ही थक जाता है ।
६. ‘टेनिस एल्बो’ का संकट बढानेवाले घटक
कंधों की मांसपेशियां निर्बल होने पर कोहनियों पर अधिक दबाव आता है। साथ ही पकड ढीली होना, धूम्रपान, मोटापा और मधुमेह जैसी समस्याएं टेंडन के स्वस्थ होने में बाधा डालती हैं ।
७. दैनिक जीवन पर होनेवाला प्रभाव
इस व्याधि के लक्षण हैं – सवेरे उठने पर भारीपन अनुभव होना और कार्य करने पर वेदना का बढना । इससे प्रतिदिन किए जानेवाले कार्यों या कार्यालयीन कामकाज पर बडा प्रभाव पड सकता है । टेनिस एल्बो का कष्ट दीर्घकाल तक रहने से कार्यालय से अनुपस्थिति भी बढ सकती है ।
– श्री. निमिष म्हात्रे, भौतिकोपचार विशेषज्ञ, फोंडा, गोवा. (१०.२.२०२६)
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