‘लव जिहाद’ के विरोध में देश में कठोर कानून क्रियान्वित किया जाए ! – Pramod Muthalik, Karnataka Shree Ram Sena Chief

  • मुसलमान युवक मीठी-मीठी बातें करके जाल में फंसाते हैं ! – ‘लव जिहाद’ के मकडजाल से अत्यंत प्रतीकूल परिस्थिति से बचीं हिन्दू युवतियों ने व्यक्त कीं अपनी पीडाएं

  • हुबली में ‘लव जिहाद’ पर पत्रकार सम्मेलन !

पत्रकार परिषद में बाईं ओर से चौथे स्थान पर श्री प्रमोद मुतालिक।

हुबली (कर्नाटक) – देश एवं राज्य में कई हिन्दू युवतियां गुम हो रही हैं । गुम होने वालों का उपयोग अवैध ‘लव जिहाद’ के लिए किया जा रहा है । इसलिए देश में ‘लव जिहाद’ के विरुद्ध कठोर कानून क्रियान्वित किया जाए, ऐसी मांग श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने की । ‘लव जिहाद’ के आरोपों के संबंध में हुबली में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में वे बोल रहे थे । ‘लव जिहाद’ के पीछे प्रेम नहीं, अपितु भारत को इस्लामी देश बनाने का भयंकर षड्यंत्र है, ऐसा आरोप उन्होंने लगाया । प्रमोद मुतालिक के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में ‘लव जिहाद’ के जाल से बचीं कुछ हिन्दू पीडित युवतियों ने अपने अनुभव सुनाए । ‘मुसलमान युवक मीठी बातें करके हिन्दू युवतियों को जाल में फंसाते हैं’, यह एक पीडिता ने बताया ।

पीडित युवतियों के अनुभव

पत्रकार सम्मेलन में बोलते हुए कुछ हिन्दू युवतियों ने उजागर किया कि मुसलमान युवक प्रथम परिचय कराते हैं । मीठी बातें करके निकटता बढाते हैं एवं तदोपरांत कहते हैं, ‘तू मुझसे विवाह कर ले, तो तुझे धर्मांतरण की आवश्यकता नहीं । तुझे बुर्का (पूरे शरीर को ढकने वाला वस्त्र) पहनने की भी आवश्यकता नहीं । तू रानी के समान सुख से रहेगी ।’ ‘उन्होंने मीठी बातों से हमारा मन बदलने का प्रयत्न किया । हमारे माता-पिता एवं घर वालों के प्रति वे द्वेषपूर्वक बोलते थे; किन्तु तदोपरांत हमें ज्ञात हुआ कि यह सब धोखा था । इसलिए हम ‘लव जिहाद’ के जाल से बाहर निकल आए’, ऐसे शब्दों में उन्होंने अपनी पीडाएं व्यक्त कीं ।

इस समय नेहा हिरेमठ हत्याकांड के संबंध में बोलते हुए उनके पिता निरंजन हिरेमठ ने कहा कि ‘लव जिहाद’ सुनियोजित पद्धति से चल रहा है । नेहा की हत्या करने वालों को आज जेल में अतिविशिष्ठ जैसा व्यवहार मिल रहा है । उन्हें भोजन में बिरयानी दी जा रही है । नेहा को अभी तक न्याय नहीं मिला, ऐसा खेद उन्होंने व्यक्त किया । इस प्रकरण को ‘सी.बी.आई.’ या ‘एन.आई.ए.’ को सौंपा जाए, ऐसी मांग हिरेमठ ने की ।