Nepal Balendra Shah : भारतविरोधी वक्तव्य देनेवाले बालेंद्र शाह नेपाल के प्रधानमंत्री बनने की दहलीज पर !

सार्वत्रिक चुनाव में बालेंद्र शाह का दल बहुमत की ओर अग्रसर !

बालेंद्र शाह

काठमांडू (नेपाल) – नेपाल में हुए आंदोलन के समय में नायक बने रैपर (‘रैप’ नामक संगीत गानेवाला) से राजनेता तक की यात्रा करनेवाले बालेंद्र शाह इतिहास बनाने की ओर अग्रसर हैं । देश के सार्वत्रिक चुनाव में बालेंद्र शाह के राष्ट्रीय स्वतंत्र दल की लहर दिखाई दे रही है । ६ मार्च को चल रही मतगणना में राष्ट्रीय स्वतंत्र पक्ष सबसे बडे राजनीतिक दल के रूप में सामने आया है । दोपहर तक इस दल ने १०० सीटों पर बढत बनाई हुई थी । दूसरे स्थान पर नेपाली कांग्रेस मात्र १२ सीटों पर आगे थी, जबकि के.पी. ओली के दल को मात्र ९ सीटों पर बढत मिली है । इसके कारण ‘३५ वर्षीय बालेंद्र शाह नेपाल से सबसे युवा प्रधानमंत्री बनेंगे’, ऐसी चर्चा है । ऐसी स्थिति में बालेंद्र शाह यदि प्रधानमंत्री बनते हैं, तो ‘भारत-नेपाल के संबंधों पर उसका क्या प्रभाव पडेगा ?’, यह प्रश्न उठ रहा है ।

कौन हैं बालेंद्र शाह ?

बालेंद्र शाह का जन्म काठमांडू के एक सरकारी आयुर्वेद वैद्य के परिवार में हुआ । उनकी एंजिनियरिंग की शिक्षा काठमांडू में ही पूरी हुई । आगे जाकर उन्होंने भारत के कर्नाटक राज्य में स्थित विश्वेश्वरय्या तकनीकी विश्वविद्यालय से संरचनात्मक अभियांत्रिकी में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की । अभियांत्रिकी शिक्षा पूरी होन के उपरांत उन्होंने संगीतक्षेत्र में कार्य करने का निर्णय लिया तथा वे ‘रैपर’के रूप में विख्यात हुअए । उनके गीतों में नेपाल की राजनीतिक व्यवस्था की आलोचना की जाती थी । वर्ष २०२२ में बालेंद्र शाह ने राजनीति में प्रवेश किया तथा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ६१ सहस्र ७६७ मतों से काठमांडू महापौरपद का चुनाव जीता । पिछले वर्ष हुए आंदोलन के उपरांत तत्कालिन प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली द्वारा त्यागपत्र दिए जाने के उपरांत बालेंद्र शाह राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हुए ।

भारतविरोधी वक्तव्यों का रहा है इतिहास

बालेंद्र शाह ने इससे पूर्व अनेक बार भारतविरोधी वक्तव्य दिए हैं । उन्होंने नेपाल सरकार को ‘भारत की गुलाम’ भी कहा था । उन्होंने महापौरपद के कार्यकाल में काठमांडू में भारतीय फिल्म ‘आदिपुरुष’के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया था । इस फिल्म में माता सीता को नेपाल की नहीं, अपितु भारत की पुत्री कहे जाने के कारण उन्होंने ऐसा किया था । वर्ष २०२५ में उन्होंने सामाजिक माध्यम में दिए एक विवादित संदेश में भारत, अमेरिका एवं चीन के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था; परंतु उसके उपरांत उस संदेश को हटा दिया था । इसकी बहुत चर्चा हुई थी ।

बालेंद्र शाह भारत के साथ किसप्रकार से संबंध रखेंगे ?

बालेंद्र शाह की विदेश नीति के विषय में राष्ट्रीय स्वतंत्र दल के प्रवक्ता मनीष झा ने भूमिका स्पष्ट की है । उन्होंने बताया कि नेपाल को कठिन भूराजनीतिक एवं भूआर्थिक परिस्थिति में संतुलन बनाना पडेगा । राष्ट्रीय स्वतंत्र दल तटस्थ एवं संतुलित विदेश नीति अपनाएगा । राष्ट्रीय स्वतंत्र पक्ष का किसी एक देश के पक्ष में झुकाव नहीं होगा । अच्छा प्रशासन ही हमारा लक्ष्य है । राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों की अपेक्षा हमारा दल सुशासन पर आधिक ध्यान देगा ।