(और इनकी सुनिए) ‘नेपाल का उपयोग किसी भी पडोसी देश के विरुद्ध नहीं होने दिया जाएगा ।’

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली का वक्तव्य ।

के.पी. शर्मा ओली

काठमांडू (नेपाल) – भारत और चीन इन दोनों देशों के साथ ईमानदार और संतुलित संबंध बनाए रखना हमारी नीति है । एक शक्ति को दूसरी के विरुद्ध खडा नहीं किया जाएगा । नेपाल का उपयोग किसी भी पडोसी देश के विरुद्ध नहीं होने दिया जाएगा । पीढी दर पीढी हम यहीं रहने वाले हैं । पडोसी देश भी यहीं रहेंगे और हम भी यहीं रहेंगे, ऐसा वक्तव्य नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री तथा ‘कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल’ के के.पी. शर्मा ओली ने दिया। ५ मार्च को देश में चुनाव होने वाले हैं । उसी पृष्ठभूमि में वे बोल रहे थे ।

१. नेपाल में चुनाव से पहले ४ बार प्रधानमंत्री पद संभाल चुके ओली ने भारत तथा चीन इन दोनों देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की भूमिका प्रस्तुत की ।

२. पिछले वर्ष नेपाल में हुए युवाओं के बडे आंदोलन के संदर्भ में उन्होंने आरोप लगाया कि ‘यह नेपाल को अस्थिर करने का प्रयास था ।’ उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस आंदोलन के पीछे विदेशी शक्तियों का हाथ था । साथ ही उन्होंने कहा कि इस आंदोलन पर आपराधिक प्रवृत्ति के तत्वों ने नियंत्रण कर लिया था ।

३. ‘क्या चुनाव में विदेशी धन आ रहा है ? तथा क्या बाहर से दबाव डाला जा रहा है ?’ ऐसे प्रश्न पूछे जाने पर उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसी चर्चाएं चल रही हैं । किंतु ठोस प्रमाण नहीं होने की बात कही । ‘ठोस प्रमाण प्राप्त हुए बिना कोई भी वक्तव्य नहीं दूंगा ।’ ऐसा उन्होंने स्पष्ट किया ।

संपादकीय भूमिका

साम्यवादी दल के अध्यक्ष रहे ओली ने अपने कार्यकाल में चीन के प्रभाव में आकर भारतविरोधी बातें कही तथा नेपाली जनता में भारत के विरुद्ध विष बोया । इसलिए ओली केवल अपनी छवि ऊंची दिखाने के लिए ऐसी बातें कह रहे हैं, यह भारतीय जनता जानती है ।