
नई देहली – इजरायल तथा अमेरिका के आक्रमण में ईरान के शिया मुसलमानों के सर्वोच्च धर्मगुरु अयातुल्ला खामेनी का निधन हो गया । इस विषय में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर ‘खामेनी के निधन पर केंद्र सरकार ने मौन क्यों धारण किया है ?’, ऐसा प्रश्न किया है ।
Why is the Central Government silent on Khamenei’s death? What has happened to India’s foreign policy? – Sonia Gandhi asks.
When Hindus are killed by religious fanatics inside India, or Hindus are targeted in Bangladesh or Pakistan, has Sonia Gandhi ever raised questions then?… pic.twitter.com/ajVgUls8cD
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) March 3, 2026
सोनिया गांधी ने पत्र में लिखा है कि,
१. किसी देश के प्रमुख की इस प्रकार हत्या किया जाना समकालीन अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर गहरी आघात के समान है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवल ‘यह घटना चिंता का विषय है’, ऐसा कहा और सीमित प्रतिक्रिया दी; किंतु जिस प्रकार घटनाएं घटीं, उस विषय में उन्होंने मौन धारण किया है । ईरान तथा भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों को दृष्टिगत रखते हुए यह मौन अत्यंत अस्वस्थकारी है । (खामेनी ने इजरायल के विरोध में जिहादी आतंकवादी संगठन हूती, हिज़्बुल्ला तथा हमास को सर्वप्रकार से सहायता प्रदान की । इसी कारण इजरायल ने उन्हें मार गिराया । साथ ही हिजाब के विरोध में आंदोलन करने वाली ईरानी महिलाओं को खामेनी के आदेश से मृत्युदंड दिया गया, उनके साथ दुष्कर्म किए गए; इस विषय में सोनिया गांधी ने कभी क्यों नहीं बोला ? ऐसे खामेनी की हत्या पर भारत क्यों बोले ? – संपादक)
२. भारत जैसे देश ने अंतर्राष्ट्रीय विधियों के उल्लंघन के विषय में कोई ठोस भूमिका ग्रहण नहीं की । (आतंकवादियों को संरक्षण देने वाले ऐसे कानूनों को निरस्त करना चाहिए, ऐसी ही प्रतिक्रिया भारत को देनी चाहिए, ऐसा ही अब जनमानस को प्रतीत होता है ! – संपादक) इससे विश्व में अनुचित संदेश जाता है । खामेनी को लक्ष्य बनाकर उनका अनुगमन कर उन्हें मार दिया गया । उस पर भारत ने मौन धारण किया है, जो उचित नहीं है । यह मौन हमारे देश की विदेश नीति तथा विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न उत्पन्न करता है । अतः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस विषय में अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए । (मुसलमानों के तुष्टीकरण हेतु कांग्रेस ने जीवन व्यतीत किया है एवं कर रही है । इसी कारण देश की जनता ने उसे सत्ता से हटा किया है । तथापि कांग्रेस के गांधी परिवार को इसकी समझ नहीं आई है; अतः ऐसे आतंकवाद-समर्थक कांग्रेस को देश से राजनीतिक रूप से समाप्त करना आवश्यक हो गया है ! – संपादक)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उचित भूमिका ग्रहण करनी चाहिए ! – राहुल गांधी की मांग
अमेरिका, इजरायल तथा ईरान के बढते संघर्ष में भारतीय नागरिक भी संलग्न हो गए हैं तथा वे अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं । भारत को इस संदर्भ में समुचित भूमिका ग्रहण करनी चाहिए । १ करोड भारतीयों का प्रश्न है । अंतर्राष्ट्रीय विधि तथा मानवीय जीवन के संदर्भ में भारत को स्पष्ट तथा ठोस भूमिका ग्रहण करनी चाहिए । प्रधानमंत्री मोदी को भूमिका ग्रहण करनी चाहिए, ऐसी मांग लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने की है । (प्रधानमंत्री मोदी ने उचित ही भूमिका ग्रहण की है, ऐसा ही जनसामान्य को प्रतीत होता है । – संपादक)
संपादकीय भूमिकादेश में धर्मांध मुसलमानों द्वारा हिन्दुओं की हत्याएं की जाती हैं, बांग्लादेश तथा पाकिस्तान में हिन्दुओं की हत्याएं होती हैं, तब सोनिया गांधी कभी पत्र लिखकर उन देशों के प्रमुखों से प्रश्न क्यों नहीं पूछतीं ? |
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