भारत पुनः पाकिस्तान के विरुद्ध युद्ध की तैयारी कर रहा है – Asif Ali Zardari

  • पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का संसद में कहा 

  • चर्चा के लिए भारत से किया आग्रह 

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी

इस्लामाबाद (पाकिस्तान) – भारतीय नेता पाकिस्तान के विरुद्ध पुनः युद्ध की तैयारी कर रहे हैं । भारत को रणभूमि से पीछे हटकर वार्ता का मार्ग अपनाना चाहिए, क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए वही एकमात्र विकल्प है, ऐसा आग्रह पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने पाकिस्तान की संसद में किया ।

जरदारी ने पाकिस्तान को एक उत्तरदायी परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया । उन्होंने कहा कि ऐसी शक्ति के साथ बडा उत्तरदायित्व होता है, किंतु आवश्यकता पडने पर पाकिस्तान अपनी रक्षा करने में सक्षम है । यह मी स्पष्ट किया । (स्वयं को ‘उत्तरदायी’ घोषित करना हास्यास्पद है। ऐसा कहना अन्य राष्ट्रों का कार्य होता है , यह साधारण सी बात भी पाकिस्तान के प्रथम नागरिक को समझ में नहीं आती । इससे इस देश की बौद्धिक दरिद्रता ही प्रकट होती है संपादक)

(और इनकी सुनिए…) ‘सिंधु जल संधि समाप्त करना जल आतंकवाद’ जरदारी

राष्ट्रपति जरदारी ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने के निर्णय की कडी आलोचना की । उन्होंने इसे ‘जल आतंकवाद’ बताते हुए आरोप लगाया कि नई दिल्ली राजनीतिक लाभ के लिए पानी के प्रवाह को हथियार की तरह उपयोग कर रही है । उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू कश्मीर के लोगों को पाकिस्तान कूटनीतिक तथा नैतिक समर्थन देता रहेगा । कश्मीर समस्या का समाधान हुए बिना दक्षिण एशिया में स्थायी शांति संभव नहीं है । (‘जिहादी आतंकवाद’ एवं ‘हिन्दू-द्वेष’ की विचारधारा पर खडे पाकिस्तान को, भारत द्वारा उसे पाठ सिखाने की कोई भी कार्यवाही आतंकवाद के समान ही प्रतीत होगी । – संपादकीय)

तालिबान पर आरोप, संसद में हंगामा ।

अफगानिस्तान की स्थिति पर बोलते हुए जरदारी ने दोहा समझौते के उल्लंघन का आरोप तालिबान प्रशासन पर लगाया । उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की भूमि पवित्र है एवं उसे अस्थिर करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी । उनके भाषण के समय पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के सांसदों ने खान की स्वतंत्रता की मांग करते हुए नारे लगाए , जिससे सदन में कोलाहल हुआ ।

संपादकीय भूमिका 

अब तक पाकिस्तान द्वारा भारत पर किए गए आक्रमणों के कारण चार युद्ध हो चुके हैं । भारत ने कभी भी पाकिस्तान पर पहले आक्रमण नहीं किया । ऐसे में इस प्रकार का आरोप लगाकर जरदारी स्वयं को पीडित दिखाने का प्रयास कर रहे हैं । यदि भारत वास्तव में युद्ध करता, तो पाकिस्तान विश्व के मानचित्र से मिट सकता है; इसी कारण अब वे वार्ता की बात कर रहे हैं ।