देशद्रोही कृत्यों पर पर्दा डालने हेतु मालेगाव के उपमहापौर ने संविधान का आधार लेते हुए अपनी जाति बताई !

मालेगांव (जिला नाशिक) – क्रूरकर्मा टीपू सुल्तान का उदात्तीकरण करने के कारण चारों ओर से हो रही तीव्र आलोचना के पश्चात मालेगांव के उपमहापौर शान-ए-हिंद ने अब नया प्रलाप प्रारंभ किया है । ‘मैं ओबीसी हू, इसलिए मुझे लक्ष्य किया जा रहा है’, ऐसा कहकर उन्होंने इस विवाद को जातीय मोड देने का प्रयत्न किया है । इतना ही नहीं, अपितु ‘टीपू की सेना में अनेक ब्राह्मण अधिकारी थे’, ऐसा तर्कहीन दावा कर उन्होंने हिन्दू समाज में वैमनस्य उत्पन्न करने तथा टीपू के अत्याचारी इतिहास का महिमामंडन करने के प्रयास प्रारंभ किए हैं । (हिन्दुओं को अब मुस्लिमों की कुटिलता पहचाननी चाहिए ! – संपादक)
उपमहापौर के हास्यास्पद दावे एवं वस्तुस्थिति !
उपमहापौर शान-ए-हिंद ने दावा किया कि संविधान में टीपू का उल्लेख है । (‘संविधान की मूल प्रति पर कुछ चित्र हैं, इसका अर्थ यह नहीं कि टीपू के धर्मांध कृत्यों को मान्यता दी जा सकती है । संविधान का आधार लेकर हिन्दू-द्वेषियों का उदात्तीकरण करना, केवल धूर्तता है !’ – संपादक) “मेरे कार्यालय में चित्र लगाने के पश्चात टीपू के कार्यों की जानकारी अनेक लोगों को ज्ञात हुई”, ऐसा कहते हुए उन्होंने अपने निर्णय का समर्थन किया । (टीपू का उदात्तीकरण कर ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’, ऐसी मुद्रा में व्यवहार करने वाली उपमहापौर शान-ए-हिंद ! – संपादक)
संपादकीय भूमिका
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Sinhagad Pune : सिंहगढ पर लगाए ‘यह किला हिन्दुओं का है, यहां मुसलमानों को प्रवेश नहीं’ के फलक !
(और इनकी सुनिए…) ‘श्रीकृष्ण मुसलमान थे तथा ५ समय की नमाज पढते थे !’ – Maulana Jarjis Ansari
हडपसर में हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता की साहिल शेख एवं उसके गुंडों द्वारा नृशंसता से पिटाई !
पुणे के येरवडा पुलिस थाने के निरीक्षक अंजुम बागवान द्वारा हिन्दू-द्वेषी एवं समाज-विरोधी कृत्य ! – Milind Ekbote
Telangana AI Training : तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ८० हजार अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा डिजिटल सुरक्षा का निःशुल्क प्रशिक्षण देगी !