Andhra Pradesh Illegal Church : आंध्रप्रदेश में नियमों के विरुद्ध चर्च का निर्माण करनेवाले ईसाई संगठन पर कार्रवाई की मांग !

आवासीय भूमि में नियमों के विरुद्ध चर्च के निर्माण का आरोप !

गोदावरी (आंध्रप्रदेश) – आंध्रप्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले में ‘कलवरी चर्च फाऊंडेशन’, इस ईसाई मिशनरी संगठन द्वारा जिस भूमि पर केवल आवासीय निर्माणकार्य करने की मान्यता है, ऐसी भूमि पर एक बडे चर्च का निर्माण करने की घटना सामने आई है । ‘लीगल राइट्स प्रोटेक्शन फोरम’  (‘LRPF’) ने ‘कलवरी चर्च फाऊंडेशन’ पर आवासीय अनुमति पत्र (Residence Permit) का दुरूपयोग कर वहां चर्च बनाने का आरोप लगाया है । ‘एल्.आर्.पी.एफ्’ ने जिलाधिकारी से इस अवैध निर्माण पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है ।

१. इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ‘कलवरी फाऊंडेशन’ ने इस भूमि पर आवासीय घरों के निर्माण के स्थान पर एक बडे चर्च का निर्माण कर वहां सार्वजनिक सभाएं तथा क्रिसमस के कार्यक्रमों का आयोजन करना आरंभ किया । केवल आवासीय उपयोग के लिए मान्यता प्राप्त इस भूमि का रूपांतरण सार्वजनिक प्रार्थनासभा के स्थान में किया गया है ।

२. ‘एल्.आर्.पी.एफ्’ के महासचिव ए.एस्. संतोष ने आरोप लगाया है कि ईसाई मिशनरी कानूनी नियमों की अनदेखी कर आक्रामक पद्धति से अपना विस्तार करते हैं, साथ ही किसी ने उन पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की, तो वे उन्हें ‘धार्मिक लक्ष्य’ बनाए जाने का भ्रम फैलाते हैं, साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिकायतें करते हैं ।

३. भाग्यनगर के ‘कलवरी चर्च’ के संस्थापक तथा पादरी पी. सतीश कुमार इस चर्चसंस्था का नेतृत्व करते हैं । यह संस्था ‘कलवरी बाइबल कॉलेज’, ‘कलवरी हॉस्पिटल’ एवं ‘कलवरी स्कूल्स’ चलाती है । इस संस्था का आंध्रप्रदेश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय ईसाई कार्यकलापों में बडा प्रभाव है ।

संपादकीय भूमिका 

  • इसप्रकार नियमों के विरुद्ध चर्च का निर्माण कर वहां प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाती हैं तथा आगे जाकर ऐसे चर्च ही हिन्दुओं के धर्मांतरण के अड्डे बन जाते हैं, इसके अनेक उदाहरण है । इसलिए इस चर्च पर कार्रवाई आवश्यक !
  • वास्तव में ऐसी मांग करने की आवश्यकता ही क्यों पडती है ? आंध्रप्रदेश की तेलुगु देसम् की सरकार का प्रशासन इस प्रकार के गैरकानूनी चर्च का निर्माण होने तक क्या कर रहा था ?