
वॉशिंग्टन डी.सी. (अमेरिका) – यहां स्थित नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट ने भारत की ३ प्राचीन तथा अत्यंत महत्वपूर्ण मूर्तियां भारत सरकार को लौटाने के निर्णय की घोषणा की है । ये तीनों मूर्तियां दक्षिण भारत की कांस्य शिल्पकला के उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती हैं । इन मूर्तियों का संबंध तमिलनाडु के मंदिरों से था ।
लौटाई जाने वाली मूर्तियों में चोल काल की शिव नटराज मूर्ति, चोल काल की ही सोमास्कंद मूर्ति, तथा विजयनगर काल की संत सुंदरर एवं परवै की संयुक्त मूर्ति शामिल हैं ।
शिव नटराज मूर्ति अमेरिका में ही दीर्घकालीन ऋण पर रहेगी ।
संग्रहालय ने स्पष्ट किया है कि शिव नटराज मूर्ति भारत सरकार के साथ हुए समझौते के अनुसार अमेरिका में ही रहेगी । यह मूर्ति दीर्घकालीन ऋण (लॉन्ग टर्म लोन) पर रखी जाएगी । इसका अर्थ यह है कि मूर्ति का स्वामित्व भारत के पास ही रहेगा, परंतु उसका प्रदर्शन संग्रहालय में ही रहेगा । साथ ही, मूर्ति को मंदिर से हटाए जाने से लेकर भारत को वापस सौंपे जाने तक का पूरा इतिहास आम जनता के सामने प्रस्तुत किया जाएगा ।
भारत पर दबाव लाना वैश्विक स्थिरता के लिए अत्यन्त घातक ! – Russia President Putin
प्रधानमंत्री मोदी मुझे बहुत पसंद हैं, वे मेरे अच्छे मित्र हैं ! – Donald Trump
Trump Warns Iran : हमारे सैनिकों को हाथ भी लगाया, तो युद्ध भडकेगा ।
Bulandshahr Temple Namaz : बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) में हनुमान मंदिर में नमाज पढने वाले असर मोहम्मद को बंदी बनाया गया ।
TMC Kolkata Mayor : कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के महापौर फिरहाद हकीम का त्यागपत्र (इस्तीफा) ।
Panchkula Bomb Threat : पंचकुला (हरियाणा) महापौर कार्यालय सहित हरियाणा तथा दिल्ली के मंदिरों को बम से उडाने की धमकी ।