सनातन प्रभात > Post Type > सुविचार > सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के ओजस्वी विचार सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के ओजस्वी विचार 16 Jan 2026 | 12:25 AMJanuary 12, 2026 Share this on :TwitterFacebookWhatsapp सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले ‘क्या इसे वास्तविक बुद्धिवादी का लक्षण माना जा सकता है – हमें जिस विषय की जानकारी नहीं है, जिस विषय का हमने अध्ययन नहीं किया, उस विषय पर समाज में संदेह निर्माण हो, इस प्रकार की बातें और काम करना ।’ – सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले Share this on :TwitterFacebookWhatsapp नूतन लेख सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचारमुंबापुरी में सहस्रों के समष्टि संकल्प से राष्ट्ररक्षा हेतु प्राप्त हुआ आध्यात्मिक बल !Bangladesh Hindus : पिछले ४ महीनों में १०० हत्याएं, २८ बलात्कार एवं ९५ मंदिरों में तोडफोडसंपादकीय : राष्ट्र के लिए त्याग करें !मथुरा (उत्तर प्रदेश) में रामराज्य की स्थापना हेतु की गई सामूहिक प्रार्थना !नोएडा (उत्तर प्रदेश) के विद्यालय में ‘लव जिहाद’ विषय पर व्याख्यान