सनातन प्रभात > Post Type > सुविचार > सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के ओजस्वी विचार सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के ओजस्वी विचार 16 Jan 2026 | 12:25 AMJanuary 12, 2026 Share this on :TwitterFacebookWhatsapp सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले ‘क्या इसे वास्तविक बुद्धिवादी का लक्षण माना जा सकता है – हमें जिस विषय की जानकारी नहीं है, जिस विषय का हमने अध्ययन नहीं किया, उस विषय पर समाज में संदेह निर्माण हो, इस प्रकार की बातें और काम करना ।’ – सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले Share this on :TwitterFacebookWhatsapp नूतन लेख सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचारकोटि कोटि प्रणाम !सनातन धर्म के मूर्तिमान स्वरूप सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के श्री चरणों में कोटि-कोटि वंदन !संपादकीय : गुरुभ्यो नमः ।प.पू. भक्तराज महाराजजी द्वारा अपने शिष्य डॉ. आठवलेजी के प्रति व्यक्त गौरवोद्गार !इरोड (तमिलनाडु) में ‘महासुदर्शन याग’ एवं ‘आयुष्य होम’ भावपूर्ण वातावरण में संपन्न !