RSS Chief Mohan Bhagwat : परिवार में नियमित संवाद, बालिकाओं में सजगता और कठोर कार्यवाही के माध्यम से लव जिहाद पर रोक लगाना संभव है ।

प. पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने ‘लव जिहाद’ रोकने के लिए उपाय बताया 

प. पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी

भोपाल (मध्यप्रदेश) – परिवार में नियमित संवाद, बालिकाओं में सजगता और आत्मरक्षा की भावना का निर्माण करना तथा ‘लव जिहाद’ के जाल में फंसाने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही करना, इन तीन सूत्रों के माध्यम से लव जिहाद पर नियंत्रण पाया जा सकता है, ऐसा मार्गदर्शन प. पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने यहां दिया । ‘इस प्रकार की किसी भी घटना के विषय में सामाजिक संगठनों को सजग रहना चाहिए । ऐसी घटनाओं का समाज को एकजुट होकर विरोध करना चाहिए, तभी ‘लव जिहाद’ पर संतोषजनक समाधान निकल सकेगा, यह भी उन्होंने इस अवसर पर स्पष्ट किया । यहां के शिवनेरी भवन में आयोजित ‘स्त्री शक्ति संवाद’ इस कार्यक्रम में वे बोल रहे थे ।

संवाद की कमी से ‘लव जिहाद’ 

प. पू. सरसंघचालक ने आगे कहा कि हमें यह समझना होगा कि कोई अपरिचित व्यक्ति हमारी पुत्री को कैसे बहका सकता है । परिवार के भीतर असंवाद और सदस्यों के बीच संवाद की कमी, इसके लिए बडे स्तर पर उत्तरदायी है । परिवार में बच्चों के साथ नियमित संवाद किया जाए, तो उन्हें धर्म, संस्कृति और परंपरा की जानकारी मिलेगी, तथा उनके प्रति स्वाभाविक सम्मान भी विकसित होगा ।

महिलाओं के कारण धर्म और संस्कृति सुरक्षित 

प. पू. सरसंघचालक ने आगे कहा कि जब समाज सभ्यता की प्रशंसा करता है, तब उसमें महिलाओं की भूमिका अत्यंत निर्णायक होती है । हमारा धर्म, संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था महिलाओं के कारण सुरक्षित है । पुरुष और महिला दोनों मिलकर समाज को आगे बढ़ाते हैं । इसलिए दोनों का सजग और जागरूक रहना आवश्यक है। भारतीय संस्कृति उच्च स्थान पर है ।