Amravati Religious Conversions : प्रलोभन द्वारा धर्मांतरण कराने वाले इसाई धर्मगुरु सहित आठ लोगों को पकडा गया तथा जमानत दी गई

चार महिलाएं भी सम्मलित


अमरावती – जिले के बेनोडा पुलिस थाने की सीमा में आने वाले शिंगोरी गांव में अवैध धर्मांतरण की घटना को पुलिस ने उजागर किया । धन का प्रलोभन देकर तथा भय का वातावरण बनाकर ग्रामवासियों का धर्मांतरण करने का प्रयास किया गया । इस प्रकरण में केरल सहित विभिन्न स्थानों के आठ आरोपियों को पुलिस ने पकडा है । इनमें चार महिलाएं सम्मिलित हैं । आरोपियों को वरुड न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद उन्हें जमानत दी गई ।

१ . धर्मांतरण की घटना 30 दिसंबर की रात को घटी थी । सतर्कता के रूप में गांव में पुलिस का कडा पहरा नियुक्त किया गया है । पकडे गए आरोपियों में नागपुर के आनंदकुमार बेंजामिन करी , केरल के सुधीर विल्यम जॉन विल्यम , केरल के जेल फादर चमन काला , तिवसा के विक्रम गोपाल सांड , तथा चार महिलाएं सम्मिलित हैं । धर्मांतरण के प्रकरण में लक्ष्मण देविदास शेले ने शिकायत प्रविष्ट कराई थी । ( धर्म पर होने वाले आघातों के विरुद्ध सतर्क और तत्पर रहने वालों का अभिनंदन ! – संपादक )

२ . गांव के रितेश बोंदे के घर आए कुछ लोगों में से एक ने सफेद वस्त्र धारण किए थे । वह ग्रामवासियों से ईसाई धर्म के विषय में बात करने लगा । उसने ग्रामवासियों को धन का प्रलोभन देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया । सूचना मिलने पर पुलिस ने मुख्य आरोपी रितेश बोंदे को अपने नियंत्रण में लिया । पूछताछ के पश्चात शेष सात आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकडा गया ।

( और इनकी सुनिए ) ‘ यह संवैधानिक स्वतंत्रताओं का उल्लंघन है ! ’ – ‘चर्च ऑफ साउथ इंडिया बिशप काउंसिल’ का हल्ला !

सुधीर विल्यम जॉन विल्यम केरल के धर्मगुरु होने के कारण ‘चर्च ऑफ साउथ इंडिया बिशप काउंसिल’ ने इस कार्यवाही का विरोध करते हुए ‘यह संवैधानिक स्वतंत्रताओं का उल्लंघन है’ ऐसा कहा है । ‘यह घटना प्रोटेस्टेंट पंथ के व्यक्तियों से संबंधित है तथा इसका हमसे कोई संबंध नहीं है । इसलिए मैं इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा’ ऐसा पैरिश गुरु फादर ओनिल ने कहा ।

 

संपादकीय भूमिका

दूसरों का धर्मांतरण करना ही वास्तव में संवैधानिक स्वतंत्रताओं का उल्लंघन है । ऐसा होते हुए भी इस प्रकार का हल्ला करने वालों के विरुद्ध भी कार्यवाही की जानी चाहिए ।