Pavan Kalyan : भारत द्वारा स्वतंत्र कराई गई भूमि आज अल्पसंख्यकों के रक्त से सनी हुई है !

बांग्लादेश में हिन्दू युवक की हत्या पर आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण द्वारा तीव्र निषेध

आंध्र प्रदेश राज्य के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण

अमरावती (आंध्र प्रदेश) – जनसेना पार्टी के प्रमुख एवं आंध्र प्रदेश राज्य के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने बांग्लादेश में हिन्दू युवक दीपू चंद्र दास की अमानवीय हत्या पर गहरा दुःख तथा आक्रोश व्यक्त किया है । सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह घटना मानवता के पतन का प्रतीक है । वर्ष १९७१ में भारतीय सैनिकों ने अपने रक्त से जिस भूमि को स्वतंत्रता दिलाई थी, उसी भूमि पर आज निर्दोष अल्पसंख्यकों की हत्या हो रही है ।

पवन कल्याण ने आंकडों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष १९७१ में बांग्लादेश में हिन्दुओं की जनसंख्या लगभग २२ प्रतिशत थी, जो अब ८ प्रतिशत से भी कम रह गई है । यह केवल पलायन की बात नहीं है, अपितु अल्पसंख्यकों को लक्ष्य बनाकर व्यवस्थित रूप से किए जा रहे उत्पीडन का ही परिचायक है । इस्कॉन मंदिर के संत चिन्मय दास को बंदी बनाना तथा उसके पश्चात दीपू दास को पेड से लटकाकर जलाने की घटना, वहां कानून का शासन (Rule of Law) समाप्त होने को दर्शाती है ।

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी मानवाधिकारों के साथ विश्वासघात !

पवन कल्याण ने बांग्लादेशी नेतृत्व एवं संयुक्त राष्ट्र (UN) से इस अमानवीय कृत्य का केवल निषेध न कर, अपितु दोषियों को कठोर दंड देने का आह्वान किया है । उन्होंने दृढता से कहा कि भारतीय शहीदों ने शांति के लिए बलिदान दिया था, अल्पसंख्यकों पर ऐसे अत्याचारों के लिए नहीं । उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी मानवाधिकारों के साथ विश्वासघात है ।

संपादकीय भूमिका 

भारत के कितने शासनकर्ताओं ने इस घटना का निषेध किया, यह हिन्दुओं को ध्यान में रखना चाहिए ! हिन्दुओं की रक्षा के विषय में हिन्दू स्वयं निष्क्रिय हैं, इसलिए शासनकर्ता भी वैसे ही हो गए हैं !