उत्तराखंड के राज्यपाल ने ‘धर्मांतरणविरोधी विधेयक’ एवं ‘समान नागरिकता कानून विधेयक’ वापस भेजा

राज्यपाल लेफ्टनेंट जनरल गुरमीत सिंह

देहराडून (उत्तराखंड) – राज्य की भाजपा सरकार द्वारा विधानसभा में पारित ‘धर्मांतरणविरोधी (संशोधन) विधेयक २०२५’ एवं ‘समान नागरिकता कानून संशोधन विधेयक’ इन दो अत्यंत महत्त्वपूर्ण विधेयकों को राज्यपाल लेफ्टनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने तकनीकी त्रुटियों का कारण देकर सरकार को पुनः भेज दिए हैं ।

१. राजभवन के सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इन विधेयकों के प्रारूप में कुछ तांत्रिक तथा टंकन की कुछ चूकें दिखाई दी हैं ।

२. विशेषकर धर्मांतरणविरोधी विधेयक में आजीवन कारावास के दंड का प्रावधान किया है; परंतु उनमें समाहित कानूनी भाषा के विषय में कुछ आपत्तियां जताई गई हैं ।

३. राज्यपाल ने इन विधेयकों पर हस्ताक्षर करने से पूर्व सरकार को इन त्रुटियों को सुधार कर उन्हें नए प्रारूप में प्रस्तुत करने के लिए कहा है ।

४. राज्य की भाजपा सरकार ने धर्मांतरणविरोधी कानून में अत्यंत कठोर कानून का प्रावधान किया है । धोखाधडी अथवा बलपूर्वक धर्मांतरण करने पर दोषी को आजीवन कारावास तक का दंड तथा १० लाख रुपए आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया था ।

५. राज्य सरकार एक तो इन त्रुटियों में सुधार कर अध्यादेश जारी कर सकती है अथवा आगामी विधानसभा अधिवेशन में इन विधेयकों को पुनः पारित कर राज्यपाल के पास भेज सकती है ।

६. विरोधी दलों ने इससे इस प्रकरण में सरकार की आलोचना कर जल्दबाजी में कानून बनाए जाने के कारण सरकार पर यह नौबत आई है, ऐसा कहा है ।