विद्यालयोंमें श्रीमद्भगवद्गीता को सम्मिलित करें ! – HD Kumaraswamy

केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर की मांग

केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी

बेंगलुरु (कर्नाटक) – केंद्रीय धातु एवं भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर विद्यालयोंके पाठ्यक्रम में श्रीमद्भगवद्गीता को सम्मिलित करने का अनुरोध किया है । उन्होंने पत्र में कहा है कि “गीता के चुने हुए श्लोकों को सम्मिलित करने से विद्यार्थियों में नैतिकता, वैचारिक स्पष्टता एवं चरित्र का निर्माण होगा ।”

कुमारस्वामी ने आगे कहा कि भारत प्राचीन काल से संतों, ज्ञान एवं सदियों से चले आ रहे सांस्कृतिक मूल्यों की भूमि रहा है । सनातन धर्म ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के सार्वभौमिक आदर्श पर चलता है । भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता का शाश्वत ज्ञान दुनिया को दिया है, जिसमें निष्काम कर्म एवं कर्तव्य की प्रामाणिकता व समर्पण के साथ पालन करने का महत्व बताया गया है । ये मूल्य वर्तमान वैश्विक वातावरण में अत्यंत महत्त्व रखते हैं ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ समय पूर्व ही श्रीकृष्ण मठ में श्रीमद्भगवद्गीता पाठ कार्यक्रम में भाग लिया, जिससे सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों का प्रसार हुआ है । इस कार्यक्रम ने गीता के पाठ एवं उससे प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान किया । स्थानीय नेता एवं अभिभावक भी विद्यालयोंमें गीता की शिक्षाओं को सम्मिलित किए जाने की मांग कर रहे हैं ।

अंत में कुमारस्वामी ने कहा कि बच्चों को केवल गीता ही नहीं, अपितु रामायण एवं महाभारत का भी परिचय होना उतना ही आवश्यक है ।