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काणकोण (गोवा), २८ नवंबर (वार्ता.) – गोवा के मंदिरों, संस्कृति एवं भाषा पर अनेक बार आक्रमण हुए, फिर भी गोमंतकियों ने इन संकटों का सामना करते हुए अपनी मूल संस्कृति को बनाए रखा है ।

श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाळी जीवोत्तम मठ ऊर्जा का एक स्रोत है जिसने लोगों को एकजुट करने का कार्य किया है । इस मठ ने आध्यात्मिक परंपरा को बनाए रखते हुए समाज को विनम्रता, सेवा और संस्कारों के माध्यम से जोड़े रखा है । मठ ने समाज के प्रत्येक वर्ग को आश्रय दिया है । जब गोवा पर कठिन समय आया, तब मठ ने लोगों की सहायता की । गोवा एक आध्यात्मिक शक्ति है और भारत की दक्षिण काशी है । ‘विकसित भारत २०४७’ के स्वप्न को साकार करने के लिए अध्यात्म, राष्ट्रसेवा और विकास, इन तीनों बातों का समन्वय होना अत्यंत महत्त्वपूर्ण है, ऐसा आह्वान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया ।
🚩 Ram Bhakti, Rashtra Shakti | राम भक्ति, राष्ट्र शक्ति 🙏🔥
PM Narendra Modi ji today unveiled the world’s tallest 77-ft bronze statue of Prabhu Shri Ram at Shri Sansthan Gokarna Partagali Jeevottam Math, Goa – a powerful tribute to the faith of crores following Sanatana… https://t.co/LjpsqwgS4t pic.twitter.com/H4JkaVZ56y
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) November 28, 2025
इससे पूर्व, श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाळी जीवोत्तम मठ के ५५०वें वर्षपूर्ति के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों द्वारा श्रीराम की ७७ फुट ऊंची कांस्य धातु की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया ।

इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अध्यात्म, इतिहास, संस्कृति एवं विकास के विषय में अपने मत व्यक्त किए । इस समारोह में व्यासपीठ पर श्रीमद् विद्याधीश तीर्थ श्रीपाद वडेर स्वामीजी, गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, राज्यपाल पुसापती अशोक गजपती राजू, केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपाद नाईक, सार्वजनिक निर्माण मंत्री दिगंबर कामत, क्रीडा मंत्री रमेश तवडकर, मठ की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष श्रीनिवास धेंपो आदि उपस्थित थे । कार्यक्रम में स्वागत मठ के अध्यक्ष श्रीनिवास धेंपो ने किया । कार्यक्रम से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मठ में जाकर देवदर्शन किया । मठ की ५५०वीं वर्षपूर्ति के उपलक्ष्य में २७ नवंबर से ७ दिसंबर की अवधि में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है । इस मठ के परिसर का पूर्ण रूप से नवीनीकरण किया गया है ।
A memorable programme in Canacona, marking the 550th-year celebration of the Shree Samsthan Gokarn Partagali Jeevottam Math. Here are some glimpses. pic.twitter.com/WVGnE0xTRr
— Narendra Modi (@narendramodi) November 28, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा,
“बदलती परिस्थितियों में पर्तगाळी मठ ने अपना सेवा कार्य जारी रखते हुए अपनी दिशा नहीं बदली है । इसके विपरीत, मठ ने लोगों को उचित दिशा देने का कार्य किया है । गोवा की यह भूमि मेरे जीवन में एक निर्णायक मोड लाने वाली भूमि सिद्ध हुई है । गोवा की भूमि ने मुझे इस पद तक पहुंचाया है । गोवा ने प्रति व्यक्ति आय, पर्यटन क्षेत्र और मूलभूत विकास में प्रगति की है । गोवा की पवित्र भूमि को सदियों की आध्यात्मिक परंपरा प्राप्त है । विकसित भारत का मार्ग एकता से होकर जाता है । पर्यटन का प्रमुख भाग गोवा राज्य और आध्यात्मिक कार्य करने वाले श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाळी की ‘विकसित भारत २०४७’ के ध्येय में महत्त्वपूर्ण भूमिका रहेगी ।”
मठ ने आध्यात्मिक परंपरा की विरासत को आगे बढाया ! – मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत
मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने कहा, “श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाळी जीवोत्तम मठ ने ५५० वर्षों तक हिन्दू धर्म के लिए कार्य किया है । इससे पहले गोवा पर अनेक लोगों ने शासन किया । इनमें से कुछ लोगों ने यहां की संस्कृति और मंदिरों को नष्ट करने का प्रयास किया, फिर भी अपनी संस्कृति को बनाए रखने के लिए ब्राह्मतेज और क्षात्रतेज के माध्यम से मठ ने धर्मरक्षा का कार्य किया है । मठ ने आध्यात्मिक परंपरा की विरासत को आगे बढाया है ।
A moment of devotion and pride at the 550th Foundation Day of Partagali Math. Blessed to be part of this historic moment graced by Hon’ble PM Shri @narendramodi ji and Param Pujya Shrimad Vidyadheesh Tirth Swamiji. pic.twitter.com/p3awT6jB3p
— Dr. Pramod Sawant (@DrPramodPSawant) November 28, 2025
मैं ५५० करोड श्रीराम का नामजप करने वाले भक्तों का आभार व्यक्त करता हूं । दक्षिण अयोध्या कहा जानेवाला पर्तगाळी मठ आज बधाई का पात्र है । मठ संस्कृति, भजन संस्कृति, वारी की परंपरा का गोवा एक आध्यात्मिक केंद्र है, ऐसा दर्शाता है । गोवा सरकार गोवा की आध्यात्मिक और धार्मिक विरासत को आगे बढाने का कार्य कर रही है । गोवा परशुराम भूमि है । नार्वे, डिचोली स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा निर्मित श्री सप्तकोटेश्वर मंदिर का गोवा सरकार ने जीर्णोद्धार किया है । पुर्तगालियों ने गोवा के १ हजार से अधिक मंदिर नष्ट किए । इन मंदिरों के पुनर्निर्माण के संबंध में एक प्रतिकृति के रूप में गोवा सरकार दिवाडी द्वीप पर ‘कोटीतीर्थ कॉरिडोर’ का निर्माण करेगी ।
Blessed to attend the 550th Foundation Day of Shri Sansthan Gokarn Partagali Jeevottam Math and witness the unveiling of the Shri Ram statue, along with the release of the commemorative coin and stamp, at the hands of Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi ji, in the divine… pic.twitter.com/FuTOXXcCXs
— Dr. Pramod Sawant (@DrPramodPSawant) November 28, 2025
‘विकसित गोवा २०३७’ साध्य करने के लिए साधन-सुविधाओं और मानव का विकास किया जा रहा है । इसके साथ ही गोवा का आध्यात्मिक विकास भी होने लगा है । आगे चलकर श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाळी जीवोत्तम मठ गोवा के पर्यटन का एक महत्त्वपूर्ण केंद्र बनेगा ।” इस समारोह में गोवा सहित, कर्नाटक, महाराष्ट्र एवं अन्य राज्यों से बडी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे । गोवा पुलिस ने सुरक्षा के लिए लगभग १ हजार पुलिसकर्मी तैनात किए थे ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘धर्मपुत्र’ हैं ! – श्रीमद् विद्याधीश तीर्थ श्रीपाद वडेर स्वामीजी

इस अवसर पर श्रीमद् विद्याधीश तीर्थ श्रीपाद वडेर स्वामीजी ने कहा, “देश के प्रधानमंत्री और स्वयं को ‘प्रधान सेवक’ कहने वाले नरेंद्र मोदीजी की उपस्थिति के कारण आज का दिन मठ के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चातुर्मास व्रत का एकभुक्त रहकर पालन करते हैं और नवरात्र में उपवास भी करते हैं । यह एक उल्लेखनीय बात है । प्रधानमंत्री ने अयोध्या में रामलला के मंदिर का निर्माण किया और दक्षिण अयोध्या (पर्तगाळी मठ में) में प्रभु श्रीराम की प्रतिमा का अनावरण किया । उनका यह कार्य भगवान श्रीकृष्ण के समान ही है और इसीलिए वे सच्चे अर्थों में ‘धर्मपुत्र’ हैं ।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों द्वारा मठ के ५५० वें वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ५५० रुपये के सिक्के का लोकार्पण किया गया । इस सिक्के का भार ३५ ग्राम है और इसमें ५०% चांदी, ४०% तांबा, ५% जस्ता और ५% निकेल धातुओं का समावेश है ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मठ के अनुयायियों से निम्नलिखित ९ संकल्पों को अपनाने का आग्रह किया
जल संरक्षण, पर्यावरण की रक्षा, स्वच्छता अभियान को नित्य आदत का अभिन्न अंग बनाना, स्वदेशी को अपनाना (वोकल फॉर लोकल), देश दर्शन करना (देश के विभिन्न प्रांतों को देखना), प्राकृतिक खेती पर बल देना, मोटे अनाज (कृणधान्य) का उपयोग करना, भोजन में तेल का उपयोग १०% तक घटाना, स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना, योग साधना और खेल को अपनाना, तथा किसी भी माध्यम से निर्धनों की सेवा करना । पर्तगाळी मठ के ५५०वें वर्षपूर्ति समारोह के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों द्वारा डाक टिकट का अनावरण किया गया ।
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