Firozabad Temple Development : फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) में ५ मंदिरों के विकास के कार्यों को स्वीकृति !

  • ५ करोड ५o लाख खर्च होंगे !

  • फिरोजाबाद का नाम बदलकर ‘चंद्रवार’ करने की मांग !

फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) – उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में धार्मिक पर्यटन को बढाने के लिए पर्यटन तथा संस्कृति ने ५ बडे मंदिरों के विकास के कार्यों को स्वीकृति दे दी है । ‘ मुख्यमंत्री पर्यटन योजना’ के अंतर्गत होने वाले इन विकास के कार्यों पर ५ करोड ५० लाख खर्च किए जाएंगे । पर्यटन तथा संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने बताया कि नगला हरि सिंह में हनुमान मंदिर के लिए १ करोड ९७ लाख रुपये, कनवार रैमजा में सिद्ध काली माता मंदिर के लिए १ करोड ९३ लाख रुपये, चंद्रवार में पसीने वाले हनुमान मंदिर के लिए १ करोड रुपये, रजौरा में स्वामी गुदरियावाले महाराज आश्रम के लिए १ करोड ४७ लाख रुपये तथा पिपरौली जलेसर में गोगा जी काली मंदिर के लिए १ करोड १२ लाख रुपये खर्च किए जाएंगे ।

फिरोजाबाद का नाम बदलकर चंद्रवार करने की मांग !

पहले इस परिसर का नाम फिरोजाबाद नहीं, बल्कि ‘चंद्रवार’ था । चंद्रवार राजा चंद्रसेन की राजधानी थी । इसलिए, इस शहर का पुराना नाम पुनः रखने की मांग है तथा यह प्रस्ताव सरकार के अंतर्गत प्रलंबित है ।

पसीने वाले हनुमान मंदिर की खास विशेषता !

इन सभी पांच मंदिरों में से पसीने वाले हनुमान मंदिर की एक खास विशेषता है । भक्तों के बीच एक अनोखी कहानी प्रचलित है कि इसका यह नाम क्यों पडा । यमुना नदी के शांत किनारे बसा गांव चंद्रवार आज भी इस राज को संभाले हुए है । भक्तों के अनुसार, भगवान हनुमान की मूर्ति पर कंकड फेंकते ही वह गीली हो जाती है । स्थानीय लोगों के अनुसार, यह न केवल अजीब है बल्कि इस बात का भी प्रमाण है कि भगवान हनुमान यहां सजीव रूप में रहते हैं । स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह मंदिर करीब २ हजार वर्ष पुराना है । मंदिर के महंतों के अनुसार, पहले इस मूर्ति से इतना पसीना निकलता था कि भक्त उसे इकट्ठा करके प्रसाद के रूप में घर ले जाते थे । वे कहते हैं कि यह इस जमीन की अद्भुत शक्ति का प्रमाण है ।

संपादकीय भूमिका

देश के जिन गांवों, शहरों, तालुकाओं, जिलों के नाम आक्रमकों के नाम पर हैं, उन्हें तुरंत बदलने की आवश्यकता है !