‘यूथ फॉर पनून कश्मीर’ ने पत्रकार वार्ता कर ‘महाअभियान चुनौती २०२६’की घोषणा की ।

जम्मू – ३५ वर्ष बीतने आए, तब भी कश्मीरी हिन्दुओं का उनकी मूल भूमि में अर्थात कश्मीर घाटी में पुनर्वास नहीं हो पाया है, उसके कारण ‘यूथ फॉर पनून कश्मीर’ संगठन ने अगला कदम उठाने की घोषणा की है ।

संगठन की शीर्ष समिति के अध्यक्ष श्री. राहुल कौल ने बताया कि १६ जनवरी २०२६ से ‘महाअभियान चुनौती २०२६’का आरंभ होगा । विस्थापित कश्मीरी हिन्दुओं के ३५ वर्षाें के संघर्ष में यह सबसे निर्णायक आंदोलन होगा, ऐसी जानकारी श्री. राहुल कौल ने ‘सनातन प्रभात’ से बात करते हुए दी । १९ नवंबर को जम्मू में इस संगठन की ओर से एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया था । उसमें श्री. कौल ऐसा बोल रहे थे ।
🔥 “Maha Abhiyan Ahvan 2026” – the most decisive movement in the 35-year struggle of Kashmiri Hindus! – Rahul Kaul
🚨 @Y4PK_Homeland launches its mega campaign on 16 Jan from Jagti camp.
📌 Rooted in the 1991 Margdarshan Resolution.
📌 Demand: Honourable, territorial,… pic.twitter.com/QzedbxYUx2
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) November 21, 2025
१. श्री. कौल ने आगे कहा कि इस महाअभियान का अर्थ है ‘नरसंहार के कारण अपनी मातृभूमि से उखड चुके; परंतु आत्मा से इस भूमि से जुडे लोगों का दृढतापूर्ण पुनरुत्थान !’ भारत सरकार अब तो विस्थापित हिन्दुओं से गंभीरता के साथ, तुरंत एवं संवैधानिक दायित्व के साथ संवाद करे ।
२. संगठन के अध्यक्ष विठ्ठल चौधरी ने कहा कि यह आंदोलन विगत साढेतीन दशकों से हमारे हृदय में संघर्ष की आग को दहकते रखनेवाले समुदाय की एकजूटता होगी ।
३. ‘यूथ फॉर पनून कश्मीर’के महासचिव दिगंबर रैना ने स्पष्ट किया कि जम्मू के ‘जगती नरसंहार बचाव शिविर’ से आरंभ हुआ यह आंदोलन पुरखू, मुठी, नगरोटा तथा उसके पार के हिन्दुओं के संगठित करनेवाला आंदोलन है ।
४. संगठन के सचिव राजेश कचरू ने बताया कि हिन्दुओं के नरसंहार को अस्वीकार नहीं किया जा सकती तथा उस विषय में बातचीत नहीं की जा सकेगी अथवा इस विषय को सौम्य नहीं बनाया जा सकेगा । इस नरसंहार को मान्यता देकर हिन्दुओं को न्याय मिले; इसके लिए उनके पुनर्वास की ठोस कार्ययोजना की आवश्यकता है ।
५. इस अवसर पर समन्वयक साहिल पंडिता, साथ ही विस्थापित शिविरों के प्रमुख प्रतिनिधि पिंटू जी पंडिता, विजय पंडिता, अनिल भान एवं अश्वनी भट भी उपस्थित थे ।
‘यूथ फॉर पनून कश्मीर’का भारत सरकार को स्पष्ट संदेश !संगठन के नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि ‘महाअभियान चुनौती २०२६’ भारत सरकार के लिए यह एक स्पष्ट संदेश है कि यदि कश्मीरी हिन्दुओं के उनकी मातृभूमि में औपचारिक पुनर्वास की दीर्घकालिन लंबित प्रक्रिया तुरंत आरंभ नहीं की गई, तो न्याय, प्रतिष्ठा तथा उचित वापसी के संघर्ष में यह महाअभियान विभिन्न एवं और दृढतापूर्ण परिणामों में रूपांतरित होगा । |
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