राजा राम मोहन रॉय अंग्रेजों के दलाल थे ! – MP Minister Inder Singh Parmar

  • मध्यप्रदेश के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का दावा

  • रॉय ने हिन्दुओं के धर्मांतरण की बातें भी आरंभ की, यह भी किया दावा

मध्यप्रदेश के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार

भोपाल (मध्यप्रदेश) – मध्यप्रदेश के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि राजा राम मोहन रॉय अंग्रेजों के दलाल थे । उन्होंने देश के दलाल के रूप में काम किया । इतना ही नहीं, उन्होंने धर्मांतरण जैसी बातें भारत में आरंभ कीं । राजा राम मोहन रॉय को रोकने का साहस यदि किसी ने दिखाया, तो वह बिरसा मुंडा थे । वह बिरसा मुंडा की जयंती के कार्यक्रम में बोल रहे थे ।

अंग्रेजों द्वारा मिशनरी शिक्षा की आड में हिन्दुओं का धर्मांतरण !

शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने आगे कहा कि अंग्रेजों के समय मिशनरी स्कूल थे । उन स्कूलों के माध्यम से धर्मांतरण चलता था । शिक्षा के नाम पर बच्चों का धर्मांतरण किया जाता था । बिरसा मुंडा ने इस बात को समय पर पहचान लिया तथा उन्होंने अपने समाज के लिए अंग्रेजों के विरुद्ध जाने का साहस दिखाया । बिरसा मुंडा शिक्षा प्राप्त करना चाहते थे; परंतु उस समय केवल मिशनरी स्कूल ही थे । वहां शिक्षा लेते समय उन्हें यह अनुभव हुआ कि अंग्रेजों द्वारा शिक्षा की आड में धर्मांतरण चल रहा है । इसलिए बिरसा मुंडा ने वह मिशनरी स्कूल छोड दिया । उसके पश्चात उन्होंने अपना जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया तथा ब्रिटिश शासन के विरुद्ध लडाई लडी ।

कांग्रेस द्वारा परमार की आलोचना !

कांग्रेस के प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने परमार के बयान का विरोध करते हुए कहा कि राजा राम मोहन रॉय समाज सुधारक थे । सती प्रथा को बंद करने में उनका बडा योगदान था । क्या यह अंग्रेजों की दलाली थी ? जो उस समय अंग्रेजों के दलाल थे, आज वही राजा राम मोहन रॉय की आलोचना कर रहे हैं ।

परमार के व्यक्तिगत विचार हैं, पार्टी से संबंध नहीं ! – भाजपा

भाजपा के मध्यप्रदेश प्रवक्ता शिवम शुक्ला ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि परमार ने राजा राम मोहन रॉय के संदर्भ में जो बयान दिया है, वह उनके व्यक्तिगत विचार हैं । पार्टी का उससे कोई संबंध नहीं है । भाजपा ने हमेशा देश के लिए योगदान देने वाले समाज सुधारकों का सम्मान किया है । कांग्रेस ने परमार के बयान का अनुचित अर्थ निकाला है ।

संपादकीय भूमिका 

इस दावे की जांच करके सत्य इतिहास देश के सामने लाया जाना चाहिए । यदि परमार जो कह रहे हैं, वह सत्य है, तो अब तक झूठा इतिहास देश के सामने रखने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए !