Taliban Warns Pakistan : ‘हमारे संयम की परीक्षा न लें, अन्यथा इसके परिणाम विनाशकारी होंगे !’

अफगानिस्तान की पाकिस्तान को चेतावनी

अफगानिस्तान के गृहमंत्री एवं तालिबान नेता खलीफा सिराजुद्दीन हक्कानी

काबुल (अफगानिस्तान) : अफगानिस्तान के गृहमंत्री एवं तालिबान नेता खलीफा सिराजुद्दीन हक्कानी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा है कि “हमारे संयम की परीक्षा न लें, अन्यथा इसके परिणाम विनाशकारी होंगे ।” यह चेतावनी हक्कानी ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असम मुनीर के उस बयान के प्रत्युत्तर में दी, जिसमें मुनीर ने खैबर पख्तूनख्वा में एक आदिवासी सभा में अफगानिस्तान-तालिबान सहित भारत पर पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियां करने का आरोप लगाया था ।

मुनीर ने कहा था कि पाकिस्तान ने काबुल से संबंध सुधारने के लिए बार-बार प्रयास किए, फिर भी अफगानिस्तान की धरती ‘फितना अल-ख्वारिज’ (ख्वारीजी पंथ का विद्रोह) तथा ‘फितना अल-हिन्दुस्तान’ (भारत से संबंधित बडा संघर्ष, युद्ध या धार्मिक विद्रोह) करने वाले आतंकवादियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह (स्थान) है ।

खलीफा सिराजुद्दीन ने स्पष्ट रूप से कहा कि :

१. अफगानिस्तान के पास लंबी दूरी की मिसाइलें या बडे अस्त्र भले ही न हों, परंतु आक्रमण होने पर हम कडा प्रत्युत्तर देंगे । अपने भूभाग की रक्षा करना हमारी प्राथमिकताओं में से एक है । यह सब होने के उपरांत भी आपसी समझदारी का रास्ता खुला है; परंतु यदि किसी ने आक्रमण किया, तो हम विश्व के राजाओं से लड चुके हैं तथा हमारे लिए अपने भूभाग की रक्षा करना कोई मुश्किल काम नहीं है ।

२. कतर एवं तुर्किये में पाकिस्तान के साथ हुई कुछ दिनों पूर्व बैठकों में पाकिस्तान को स्पष्ट रूप से कहा गया था कि उसकी आंतरिक समस्याओं को अफगानिस्तान से न जोडा जाए । समस्या आपकी है । समाधान आपके पास है; तो आप उन समस्याओं को हमसे क्यों जोड रहे हैं ? उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ‘अफगान लोगों ने युद्ध के मैदान पर स्वयं को प्रमाणित (साबित) किया है तथा यदि हमारे संयम की फिर से परीक्षा ली गई, तो इसके परिणाम विनाशकारी होंगे ।’

संपादकीय भूमिका 

  • पिछले ३५ वर्षों से पाकिस्तान भारत में आतंकवादी गतिविधियां कर रहा है; परंतु क्या भारत ने कभी इस प्रकार का बयान दिया था ? तथा क्या अफगानिस्तान जिस प्रकार सैन्य प्रत्युत्तर दे रहा है, वैसा दिया था ?
  • एक मुस्लिम देश दूसरे मुस्लिम देश के साथ इस प्रकार युद्ध की तैयारी दिखा सकता है, तो धर्म के आधार पर भारत में आतंकवादी कृत्य करने वाले पाकिस्तान के विरुद्ध भारत ऐसा क्यों नहीं कर सकता ?
  • केवल परमाणु अस्त्र होने से काम नहीं चलता, अपितु साहस एवं कृत्य वाले शासकों का होना भी आवश्यक होता है, यही बात अफगानिस्तान से सीखने को मिलती है !