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इस्लामाबाद : वर्ष २००१ में भारतीय संसद पर आतंकवादी आक्रमण सहित कई आतंकवादी गतिविधियों का मुख्य कार्यवाहक (मास्टरमाइंड) एवं जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी संगठन का प्रमुख मसूद अजहर ने पाकिस्तान के प्रत्येक जिले में महिला आतंकवादी केंद्र की शाखा खोलने की घोषणा की है । यह केंद्र आतंकवादी बनने के लिए १५ दिन का पाठ्यक्रम चलाएगा । इन महिला आतंकवादियों का उपयोग आत्मघाती आक्रमणों में किए जाने की संभावना है ।
🚨 Masood Azhar reportedly opening female terror training centres in every district of Pakistan – 15-day courses promising “Jannat”.
What are the UN & international human-rights bodies doing about this? 🌍
Hindus everywhere – wake up, strengthen community security, legal… pic.twitter.com/Lx3mgDb4yq
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) October 30, 2025
१. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रत्येक शाखा की प्रमुख ‘जिला मुंतजिमा’ होंगी, जो स्थानीय महिलाओं की भर्ती करेंगी । इसके लिए कठोर नियम भी बनाए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि ये महिलाएं मोबाइल फोन के मध्य से अपरिचित पुरुषों से बात नहीं कर सकेंगी ।
२. अजहर ने वादा किया है कि जो महिलाएं इस शाखा में सम्मिलित होंगी, उन्हें उनकी कब्र से सीधे स्वर्ग मिलेगा । उसने यह भी कहा कि पुरुष सैनिक महिलाओं के साथ मिलकर विश्वभर में इस्लाम का प्रचार करने का काम करेंगे ।
३. अजहर ने २१ मिनट की एक ऑडियो क्लिप जारी की है, जिसमें ‘वैश्विक जिहाद’ में महिलाओं की भर्ती, प्रशिक्षण तथा उनके उपयोग की पूरी योजना का विस्तृत वर्णन किया गया है ।
४. महिला आतंकवादियों का नेतृत्व मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर करती है, जिसका पति युसूफ अजहर ७ मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मारा गया था ।
५. अजहर ने कहा है कि जिस तरह पुरुषों के लिए ‘दौरा-ए-तरबीयत’ पाठ्यक्रम है, उसी तरह महिलाओं के लिए पहला पाठ्यक्रम ‘दौरा-ए-तस्किया’ होगा, जो बहावलपुर केंद्र में चलाया जाएगा । पाठ्यक्रम का दूसरा चरण ‘दौरा-आयत-उल-निसाह’ होगा, जिसमें महिलाओं को इस्लामी किताबों के माध्यम से जिहाद का तरीका सिखाया जाएगा ।
६. पिछले २० वर्षों से यह पाठ्यक्रम पुरुषों को जिहाद के लिए तैयार कर रहा है, साथ ही भारत के विरुद्ध लडने के लिए उन्हें स्वर्ग का आश्वासन दे रहा है । अब महिलाओं को भी यही सिखाया जाएगा ।
७. महिला आतंकवादी केंद्र खोलने का कारण बताते हुए अजहर ने कहा, “जैश के शत्रुओं ने हिन्दू महिलाओं को सेना में भर्ती किया तथा महिला पत्रकारों को हमारे विरुद्ध खडा किया । अब मैं अपनी महिलाओं को उनसे लडने के लिए तैयार कर रहा हूं ।”
आतंकवादी संगठनों में निर्धन महिलाओं की भर्ती
जैश-ए-मोहम्मद बहावलपुर, कराची, मुजफ्फराबाद, कोटली, हरिपुर एवं मानसेहरा के मदरसों में पढने वाले आतंकवादियों की पत्नियों तथा गरीब महिलाओं को भर्ती कर रहा है ।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के उपरांत आतंकवादियों के नियमों में परिवर्तन
जैश-ए-मोहम्मद ने पहले महिलाओं को जिहाद के युद्ध में सम्मिलित होने की अनुमति नहीं दी थी; परंतु पहलगाम आक्रमण एवं ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पश्चात नियमों में परिवर्तन किया गया । मसूद अजहर तथा उसके भाई तल्हा अल-सैफ ने महिलाओं को सम्मिलित करने का निर्णय लिया है ।
‘आईएसआईएस’ एवं ‘बोको हराम’ जैसे संगठन आत्मघाती आक्रमणों में महिलाओं का उपयोग करते हैं ।
आतंकवादी अड्डे खैबर पख्तूनख्वा में स्थानांतरित किए गए !
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के उपरांत जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन तथा लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों ने अपने ठिकाने पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थानांतरित कर दिए हैं । ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में नष्ट हुए आतंकवादी ठिकानों को फिर से बनाने के लिए ये आतंकवादी संगठन सामान्य लोगों से चंदा (धन) मांग रहे हैं । अगस्त २०२५ से जैश ने पाकिस्तान में ३१३ नए मरकज (केंद्र) बनाने के लिए ३ अरब ९१ करोड रुपये जुटाने के लिए ऑनलाइन चंदा अभियान आरंभ किया है ।
संपादकीय भूमिका
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Mahrang Baloch : मानवाधिकारों के उल्लंघन के विरुद्ध आवाज उठाने वाले महरंग बलोच को पाकिस्तान ने सुनाया आजीवन कारावास का दंड सुनाया ।
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हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद किया गया, तो पूरे ईरान को नष्ट कर दिया जाएगा ! : Donald Trump
Bhopal Terror Module : ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ के ‘मिशन-२०४७’ के अनुसार समस्त आतंकवादी बाहर आकर सत्ता उलट देंगे !
(और इनकी सुनिए…) “भारत के विरुद्ध युद्ध छेडे बिना कोई विकल्प नहीं बचेगा !” – Khawaja Asif