सनातन के श्रद्धास्रोत प.पू. भक्तराज महाराजजी का १३ नवंबर को महानिर्वाण दिवस

आशा तृष्णा को छोड रे बंदे ।
झूठे सब है जिव के फंदे ।।
श्री गुरु आज्ञा सिर से मान ।
बोल रे हे मुख श्री साईराम ।।
– प.पू. भक्तराज महाराजरचित ‘जबलग घट में है यह प्राण ।’ भजन की पंक्तियां
श्री गुरु की महिमा चाहे कितनी भी गाई जाए, तब भी वह अल्प ही होती है । ‘प.पू. भक्तराज महाराजजी की कृपा सभी पर ऐसी ही अखंडित रहे और वे हमें अध्यात्मप्रसार के कार्य हेतु निरंतर शक्ति प्रदान करें, यह उनके चरणों में भावपूर्ण प्रार्थना करता हूं ।’
– सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?