Canada Khalistan Funding : कनाडा खालिस्तानी आतंकवाद को वित्त प्रदान करने का केंद्र !

कनाडा सरकार के वित्त विभाग की प्रतिवेदन में दी गई सुचना

ओटावा (कनाडा) – कनाडा की भूमि खालिस्तानी आतंकवादियों का गढ है, यह भारत ने अनेक बार विभिन्न अंतरराष्ट्रीय व्यासपीठों (मंचों) पर कहा है । अब कनाडा सरकार ने स्वयं भी इसे स्वीकार किया है । कनाडा में खालिस्तानी आतंकवादियों की सक्रियता के विषय में तथा उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त होने के संबंध में बडा प्रकरण उजागर किया गया है । कनाडा सरकार के एक प्रतिवेदन में कहा गया है कि कट्टर खालिस्तानी आतंकवादी संगठन ‘बब्बर खालसा’, ‘इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन’ तथा ‘सिख फॉर जस्टिस’ कनाडा की भूमि पर सक्रिय हैं तथा उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है । कनाडा के वित्त विभाग के ‘मनी लाँडरिंग’ (धन का अपवहन) तथा आतंकवादी निधि से संबंधित प्रतिवेदन में यह सुचना प्राप्त हुई है ।

प्रतिवेदन के महत्त्वपूर्ण सूत्र !

१. कनाडा सहित अनेक देशों से खालिस्तानी संगठन निधि एकत्र कर रहे होने का संशय है ।

२. प्रतिवेदन में हमास एवं हिजबुल्ला जैसे आतंकवादी संगठनों के आर्थिक संबंधो की ओर संकेत किया गया है, जो ‘हिंसाचार प्रतिबंधक अतिरेकी’ श्रेणी में आते हैं ।

३. खालिस्तानी तथा जिहादी आतंकवादी संगठनों को ‘कानून प्रवर्तन विभाग’ एवं ‘गुप्तचर संस्था’ ने कनाडा से आर्थिक सहायता प्राप्त करते हुए देखा है । ये संगठन अमली पदार्थों की तस्करी में धर्मार्थ निधि का प्रयोग कर रहे हैं ।

४. कनाडा को आतंकवाद को वित्त प्रदान करने का केंद्र ऐसा प्रतिवेदन में कहा गया है ।

५. खालिस्तानी आतंकवादियों द्वारा ‘न लाभ न हानि’ क्षेत्र का दुरुपयोग तथा प्रवासियों से प्राप्त दान की ओर प्रतिवेदन में ध्यान दिलाया गया है ।

६. प्रतिवेदन में ‘क्राउड फंडिंग ’ (ऑनलाइन माध्यम से जनता को आवाहन कर धन एकत्र करना), ‘क्रिप्टोकरेंसी’ (आभासी मुद्रा) एवं इन संगठनों के लिए निधि प्राप्त करने के अन्य मार्गों की पहचान की गई है ।

संपादकीय भूमिका 

भारत की सार्वभौम सत्ता को चुनौती देने वाले खालिस्तानी आतंकवादियों का अब कनाडा सरकार को दमन करना चाहिए । अन्यथा एक ओर लोकतंत्र की खोखली घोषणाएं करना तथा दूसरी ओर अन्य गणराज्य राष्ट्रों को खोखला करने का प्रयास करने वाले समूहों को आश्रय देना, ऐसा दोमुंहा आचरण उचित नहीं है !