उत्तर भारत में भारी वर्षा से हाहाकार !

पंजाब में ४३ लोगों की मृत्यु, १९०२ गांव जलमग्न

दिल्ली / चंडीगढ़ / मथुरा – उत्तर भारत के कई राज्यों में बाढ की स्थिति बिगडती जा रही है । अब तक पंजाब राज्य में भीषण बाढ ने भारी हानि पहुंचाई है , जिसमें ४३ लोगों की मृत्यु हो चुकी है एवं २३ जिलों के १,९०२ से अधिक गांव जलमग्न हो गए हैं । कम से कम ४ लाख लोग बाढ से प्रभावित हुए हैं । भाखडा बांध का जलस्तर धोखे के चिन्ह से मात्र १ फुट नीचे है । भाखडा बांध से ८५ सहस्त्र क्यूसेक पानी छोडा जा रहा है, फलस्वरूप अन्य गांवों में भी भय का वातावरण है ।

राजधानी में यमुना नदी धोखे के चिन्ह से ऊपर बह रही है । आशंका जताई जा रही है कि यहां बना ‘ पुराना लोहे का पुल पानी में डूब जाएगा’ । वर्तमान में नदी का जलस्तर २०७.४८ मीटर तक पहुंच गया है । चेतावनी स्तर २०४.५ मीटर, धोखे का स्तर २०५.३३ मीटर एवं उच्च बाढ स्तर २०८.६६ मीटर है । अनेक आवासीय क्षेत्रों में यमुना का पानी ४ से १० फुट तक घुस गया है ।

१. हथिनी कुंड बांध से प्रति घंटे अनुमानित २ लाख क्यूसेक पानी छोडा जा रहा है ।

२. यमुना में छोडे जाने वाले नालों का पानी रोक दिया गया है । निचले क्षेत्रों में नालों से पानी लगातार बह रहा है । यदि बाढ की स्थिति ऐसी ही बनी रही, तो दिल्ली के आवासीय क्षेत्र डूबने लगेंगे ।

मथुरा-वृंदावन में स्थिति !

जिस तरह राजधानी दिल्ली में यमुना का जलस्तर धोखे के स्तर पर पहुंच गया है, ठीक उसी तरह मथुरा-वृंदावन जैसे तीर्थस्थलों में भी स्थिति भयावह ही है । मथुरा जिले के कम से कम १३ गांव जलमग्न हैं । ४ फीट पानी घरों में घुस गया है । कई गांवों में पानी गांव की सीमा तक पहुंच गया है । यमुना के तटीय २३ गांवों में पानी भर गया है । कई घाट बंद कर दिए गए हैं ।

संपादकीय भुमिका

यदि बाढ की स्थिति ऐसी ही बनी रही, तो दिल्ली के आवासीय क्षेत्र डूबने लगेंगे !