Mumbai Ganesh Visarjan : बहते जलाशयों में श्री गणेश मूर्ति विसर्जन पर प्रतिबंध को लेकर राज्यभर के भक्तों में तीव्र असंतोष

प्रतीकात्मक चित्र

मुंबई, २९ अगस्त (वार्ता.) – मुंबई उच्च न्यायालय ने ६ फुट तक की श्री गणेश मूर्तियों का विसर्जन कृत्रिम हौद (तालाब) में करने के निर्देश दिए हैं । इसके अनुसार राज्य सरकार ने राज्य के सभी स्थानीय स्वराज संस्थानों को कृत्रिम हौद बनाने के निर्देश दिए हैं, किंतु कई स्थानों पर कृत्रिम हौद में विसर्जन के समय श्री गणेश मूर्ति की पवित्रता का उल्लंघन होने की घटनाएं सामने आईं ।

ठाणे के विटावा में कृत्रिम हौद पर विसर्जन करने के लिए एक व्यक्ति नशे में आया था । कुछ स्थानों पर मूर्तियों को ले जाने के लिए कचरे की गाड़ियां प्रयोग में लाई गईं। इस प्रकार राज्य में कई स्थानों पर कृत्रिम हौद के नाम पर श्री गणेश मूर्तियों का अपमान होने से भक्तों ने तीव्र रोष व्यक्त किया ।

१. भांडुप (पश्चिम) में बनाए गए कृत्रिम तालाब में विसर्जित श्री गणेश मूर्तियों को बाहर निकालने के लिए खराब बाल्टियों का उपयोग किया गया, जिसके कारण भक्तों ने कृत्रिम हौद में विसर्जन न करने का निश्चय किया ।

२. वहां के छत्रपति शिवाजी महाराज तालाब में श्री गणेश मूर्ति विसर्जन की मांग भक्तों ने की; किंतु पुलिस ने उन्हें रोका ।

३. उस समय शिवसेना के विधायक श्री अशोक पाटिल ने भक्तों की भावनाओं को देखते हुए पुलिस से तालाब में विसर्जन की अनुमति देने का निवेदन किया ।

४. भक्तों के आक्रोश को देखते हुए शाम को देर से पुलिस ने तालाब में विसर्जन का मार्ग खोल दिया ।

५. मुंबई, पुणे, ठाणे सहित पूरे राज्य में बहते जलाशयों में श्री गणेश मूर्ति विसर्जन पर पुलिस ने प्रतिबंध लगाया । भक्त बहते जलाशयों में विसर्जन न करें, इसके लिए भारी पुलिस बल लगाया गया था ।

कृत्रिम हौद की मूर्तियों का आगे क्या होगा, यह अस्पष्ट ।

कृत्रिम हौद में विसर्जित मूर्तियों को निकालने के बाद उनका आगे क्या किया जाएगा, इस विषय में जब ‘सनातन प्रभात’ के प्रतिनिधि ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि नगरपालिका तथा महानगरपालिका को मार्गदर्शक सिद्धांत दिए गए हैं । “मूर्तियों पर आगे की कार्यवाही स्थानीय स्वराज संस्थानों द्वारा की जाएगी”, ऐसा कहकर उन्होंने सही बात नहीं बताई , कि हौद से निकली मूर्तियों का आगे क्या होगा ।