Turkey Funded Nepal : नेपाल को इस्लामी राष्ट्र बनाने की तुर्की की योजना

  • गरीब एवं अनाथ हिन्दू बच्चों को इस्लामी शिक्षा प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं

  • तुर्की स्वयंसेवी संगठनों को धन उपलब्ध करा रहा है

काठमांडू (नेपाल) – नेपाल में वैध अनुमति न होकर भी विदेशी नागरिक छोटे हिंदू बच्चों को कुरान पढा रहे हैं, कई जगहों पर छापे मारे गए । जांच से पता चला कि कुछ विदेशी ताकतें नेपाल में गरीब एवं अनाथ हिंदू बच्चों को धोखा देकर जनसंख्या का धार्मिक संतुलन बदलने का प्रयास कर रही थीं । पता चला है कि इसके पीछे तुर्की का हाथ है ।

१. ललितपुर के कुछ छात्रावासों पर छापे मारे गए । वह ‘हिमालय एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी’ से जुडा था । यह एक स्वयंसेवी संस्था है जो गरीब एवं अनाथ बच्चों को शिक्षित करने का काम करती है ।

२. ये संस्थाएं कपिलवस्तु, सिराहली, रौतहट, बांके जिलों से गरीब एवं अनाथ बच्चों को लाकर उन्हें इस्लामी शिक्षा देकर उनका धर्म परिवर्तन करा रही थीं । इन बच्चों को नेपाल सरकार की आधिकारिक शैक्षिक पुस्तकों के अतिरिक्त इस्लामी ग्रंथ पढाए जा रहे थे । नेपाली पाठ्यक्रम में धार्मिक शिक्षा समिलित नहीं है ; फिर भी, ये स्वयंसेवी संस्थाएं धार्मिक शिक्षा प्रदान कर रही थीं ।

३. जांच में यह भी पता चला कि ये संस्थाएं विदेशी संस्थाओं से प्रत्येक वर्ष लगभग २.५ करोड नेपाली रुपये प्राप्त कर रही थीं । इनमें तुर्की स्थित ६ अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं भी सम्मिलित हैं । इसके अतिरिक्त, इंडोनेशिया से कई इस्लामी शिक्षक पर्यटक प्रवेशपत्र पर नेपाल आते हैं तथा धार्मिक प्रचार करते हैं । यह नेपाल के प्रवासन कानून का स्पष्ट उल्लंघन है ।

४. अधिकारियों ने स्वीकार किया कि इस तरह की गतिविधियां न केवल कानून का उल्लंघन करती हैं, अपितु देश की सुरक्षा तथा बच्चों की शिक्षा के लिए भी गंभीर संकट निर्माण कर सकती हैं । कई नेपाली अधिकारियों ने इसे ‘ अत्यंत गंभीर घटना’ बताया है ।

एर्दोगन के शासन में प्रयास बढे हैं

तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन के शासनकाल में ऐसे सैकड़ों संस्थान स्थापित किए गए हैं । इनका उद्देश्य भारत, नेपाल एवं श्रीलंका जैसे गैर-मुस्लिम देशों में इस्लामी शिक्षा का प्रसार करने के लिए धन का उपयोग करना है । तुर्की में सक्रिय कई कट्टरतावादी समूह नेपाल के माध्यम से भारत में भी काम करते हैं । इसलिए, नेपाल सरकार अब विदेशी धन तथा स्वयंसेवी संगठनों की कार्यवाहियों पर कठोर नियम लागू करने पर विचार कर रही है, ताकि इस्लाम का प्रसार न हो सके।

संपादकीय भूमिका 

  • न केवल भारत, अपितु नेपाल के लिए भी यह आवश्यक हो गया है कि वह शीघ्र से अतिशीघ्र हिंदू राष्ट्र बने तथा हिंदुओं की रक्षा करे ! 
  • हिंदू कभी भी अपने धर्म को दूसरों पर थोपने या षड्यंत्र रचकर उसका प्रचार करने का प्रयास नहीं करते ; जबकि दूसरे धर्म ऐसा करने का प्रयास करते हैं तथा उनका पहला लक्ष्य हिंदू होते हैं, यह हिंदुओं के लिए शर्मनाक है !