राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के ‘ऑपरेशन नवा सवेरा’ द्वारा १० लड़कियों की मुक्ति ।

पाटलीपुत्र (बिहार) – राज्य के नवादा जिले से एक अत्यंत भयावह षड्यंत्र सामने आया है । जुनाब हुसैन नामक एक मुसलमान ने नाबालिग हिन्दू लडकियों को प्रेमजाल में उलझाकर उनका बलपूर्वक धर्मांतरण किया । उसने एक लडकी से विवाह किया । कई लडकियों को देहव्यापार में धकेला ।
१. बंगाल की २ बहनों को ‘ऑर्केस्ट्रा’ में काम दिलाने का झांसा देकर बिहार लाया गया । जिस बहन से विवाह किया, गर्भवती होने पर उसका बलपूर्वक गर्भपात कराया । पुलिस ने बताया कि जुनाब २,५०० रुपए प्रति रात के अनुसार इन लडकियों को ग्राहकों को उपलब्ध कराता था ।
२. यह अकेली घटना नहीं थी। जुनाब तथा उसकी टोली ने विभिन्न राज्यों से अनुमानतः ९ से अधिक लडकियों को चक्कर चलाकर उनकी तस्करी की थी ।
३. इस षड्यंत्र के विरोध में ‘नवा सवेरा’ नामक अभियान चलाया गया । ‘राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग’ के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो के निर्देश पर यह अभियान आरंभ हुआ ।
४. १३ अगस्त को बिहार के सारण जिले के मसरख एवं इसुआपुर क्षेत्र में राहुल, संगीता, मुस्कान और विपिन नामक ४ ‘ऑर्केस्ट्रा ग्रुप’ पर एक साथ छापेमारी की गई । इस समय पुलिस ने १० नाबालिग लडकियों को मुक्त कराया। इनमें ३ लडकियां पश्चिम बंगाल, १ ओडिशा, १ झारखंड और २ बिहार की थीं ।
जुनाब हुसैन की टोली में हिन्दू भी सम्मिलित ।नाबालिग हिन्दू लडकियों को इस्लाम में धर्मांतरित करने वालों की टोली में सम्मिलित हिन्दूओं की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है । उनके विरुद्ध भी कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए । इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी जुनाब हुसैन सहित कुल ७ लोगों को बंदी बनाया गया । अन्य बंदी आरोपियों में नीरज यादव, तालिब खान, शुभम कुमार, अंकित कुमार मुहम्मद बिट्टू हाशमी एवं चंदन कुमार तिवारी का सम्मिलित हैं । |
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