US India Russia : अमेरिका परमाणु उद्योग के लिए रूस से यूरेनियम क्रय करता है !

रूस से तेल क्रय पर आयात शुल्क में वृद्धि करने की अमेरिका की पुन: धमकी पर भारत ने उसे फटकार लगाई !

नई दिल्ली – अमेरिका अपने परमाणु उद्योग के लिए यूरेनियम हेक्साक्लोराइड, इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए पैलेडियम, उर्वरक और रसायन रूस से आयात कर रहा है । यूरोपीय संघ के संबंध में भी ऐसा ही है । ऐसी परिस्थिति में भारत को लक्ष्य बनाना अन्यायपूर्ण तथा तर्कहीन है, इसमें प्रथम बार ही भारत ने अमेरिका के कान खोले हैं । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ४ अगस्त की रात को पुनः एक बार रूस से तेल क्रय करने पर भारत से उच्च आयात शुल्क लगाने की धमकी के उपरांत, भारत ने अमेरिका को यह सच सुनाया है ।

आंकडे जो अमेरिका की पोल खोलते हैं !

१. चीन रूस से कच्चे तेल का सबसे बडा ग्राहक है । दिसंबर २०२२ से जून २०२२ तक, रूस के कुल कच्चे तेल निर्यात का ४७ प्रतिशत चीन को गया । वहीं, भारत ने ३८ प्रतिशत आयात किया । यूरोपीय संघ और तुर्की, दोनों ने रूस से ६ प्रतिशत कच्चा तेल आयात किया ।

२. अमेरिका ने वर्ष २०२४ में रूस से ३ अरब डॉलर ( २४ सहस्त्र ९०० करोड रुपये) मूल्य का सामान आयात किया । इस वर्ष के पहले ५ महीनों में, अमेरिका ने रूस से २.०९ अरब डॉलर (१७,३४७ करोड रुपये) मूल्य का सामान आयात किया । इस वर्ष यह बढकर ४ अरब डॉलर (३३,२०० करोड रुपये) हो जाएगा ।

३. २०२४ में, यूरोपीय संघ ने रूस के साथ लगभग ७२.९ अरब डॉलर ( १५,९९ सहस्त्र २४० करोड रुपये) का द्विपक्षीय व्यापार किया । २०२३ में, सेवाओं का व्यापार १८.६ अरब डॉलर ( १५४ सहस्त्र ३८० करोड रुपये) था । यह व्यापार उस वर्ष अथवा उसके उपरांत से भारत के रूस के साथ कुल व्यापार से अधिक है ।

४. २०२४ में, यूरोपीय संघ ने रूस से १६ करोड ५० लाख टन तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एल.एन.जी.) का आयात किया । यूरोप रूस के साथ उर्वरक, खनन उत्पाद, रसायन, लोहा तथा यंत्रों का भी व्यापार करता है ।

संपादकीय भूमिका

भारत के प्रति अमेरिका की दोहरी भूमिका पुन:-पुन: सामने आती है । भारत सरकार को उसकी दादागिरी कभी सहन नहीं करनी चाहिए !