
मुंबई – “कांग्रेस के नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने सनातन संस्था को ‘आतंकवादी’ कहकर बार-बार उसका लक्ष्यीकरण किया है । पूर्व में मडगांव बमविस्फोट प्रकरण में तत्कालीन कांग्रेसी नेताओं ने सनातन को अकारण फंसाया था । पश्चात माननीय न्यायालय ने सनातन के सभी निर्दोष साधकों को मुक्त करते हुए यह स्पष्ट किया कि उन्हें अन्यायपूर्वक फंसाया गया था ।
केवल मालेगांव प्रकरण में हिन्दुत्वनिष्ठों को ही नहीं, अपितु सनातन संस्था को भी ‘आतंकवादी’ घोषित कर ‘हिन्दू आतंकवाद’ का सिद्धान्त प्रसारित करना कांग्रेस का उद्देश्य था । आज कांग्रेस द्वारा किए गए पाप जनता के समक्ष प्रकट हो रहे हैं”, ऐसा मत सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. चेतन राजहंस ने व्यक्त किया ।
श्री. राजहंस ने आगे कहा कि, “न्यायालय ने जैसे सनातन संस्था के साधकों को निर्दोष घोषित किया, वैसे ही मालेगांव प्रकरण में हिन्दुत्वनिष्ठों को भी निर्दोष मुक्त कर कांग्रेसी हिन्दूद्रोही शासकों तथा ‘हिन्दू आतंकवाद’ का असत्य प्रचार करनेवालों को करारा उत्तर दिया है । पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने दाभोलकर हत्या प्रकरण की जांच आरम्भ होने से पूर्व ही यह कह दिया था कि ‘यह हत्या हिन्दुत्ववादियों ने की है’ । इस प्रकार का वक्तव्य देकर उन्होंने पुलिस की जांच की दिशा निर्धारित कर दी थी । ऐसे वक्तव्य देकर अपयश प्राप्त करनेवाले पृथ्वीराज चव्हाण को वास्तव में सम्पूर्ण हिन्दू समाज से क्षमा याचना करनी चाहिए । तथापि वे बार-बार हिन्दुत्वनिष्ठों को लक्ष्य बना रहे हैं । यदि पृथ्वीराज चव्हाण ने सनातन संस्था से बिना शर्त क्षमा नहीं मांगी, तो सनातन संस्था उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करेगी”, ऐसा स्पष्ट संकेत श्री. राजहंस ने दिया ।
“सनातन धर्म का अपमान करनेवालों को इसका मूल्य चुकाना पड़ेगा !” – उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

मुंबई – “हिन्दू एवं सनातन धर्म का अपमान करने वालों को उसकी कीमत चुकानी पडेगी । ऐसे समय उद्धव ठाकरे को हिन्दुत्व स्मरण क्यों नहीं आता ? ठाकरे का हिन्दुत्व केवल मतों की प्राप्ति हेतु एक सुविधाजनक अस्त्र है । जब भी भगवा ध्वज पर आघात होगा, तब उसका उत्तर देने का कार्य हमारी शिवसेना करेगी । राहुल गांधी सदैव सावरकर जी तथा हिन्दुत्व का अपमान करते हैं ।”
“‘सनातनी आतंकवाद’ जैसे शब्द हिन्दू धर्म का अपमान हैं !” – नितेश राणे, मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह विकास मंत्री

मुंबई – ‘हिन्दू आतंकवाद’ अथवा ‘सनातनी आतंकवाद’ जैसे शब्द भारत के हिन्दू तथा संत परंपरा को कलंकित करने हेतु गढी गई भाषा है । पूर्व में सुशीलकुमार शिंदे, पश्चात पृथ्वीराज चव्हाण तथा अब जितेंद्र आव्हाड इस भाषा का उपयोग कर रहे हैं तथा हिन्दू धर्म को अपमानित करने का प्रयास कर रहे हैं । असत्य धर्मनिरपेक्षता के नाम पर केवल हिन्दू धर्म तथा संत परंपरा को अपमानित करने का ही एकमात्र उद्देश्य आव्हाड जी का रहा है । उनकी भाषा शैली में हिन्दू धर्म का घोर अपमान है । राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष श्री. शरद पवार तथा सांसद सुप्रिया सुले क्या आव्हाड जी की इस भूमिका से सहमत हैं ?”
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मुंबई पर २६/११ का आतंकवादी आक्रमण कांग्रेस और आई.एस.आई. (ISI) ने मिलकर कराया था ! – R.V.S. Mani
यदि मुसलमान अपने पूर्वजों की परंपराओं को स्वीकार करें, तो उन्हें हिन्दू राष्ट्र में किसी प्रकार का कोई संकट नहीं होगा ! – Yogrishi Ramdev baba