Malegaon Blast Verdict : क्या केंद्र तथा राज्य सरकार के इस निर्णय को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगी ? – सांसद असदुद्दीन ओवैसी का प्रश्न

सांसद असदुद्दीन ओवैसी

नई दिल्ली – “न्यायालय का निर्णय निराशाजनक है । क्या केंद्र सरकार तथा महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार इस निर्णय के विरुद्ध ऊपरी अदालत में अपील करेंगी ?” – यह प्रश्न ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख तथा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उठाया । वे मालेगांव २००८ बम विस्फोट की घटना में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत द्वारा दिए गए निर्णय के संबंध में बोल रहे थे ।

ओवैसी ने आगे कहा, “राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस घटना में जानबूझकर ऊचित जांच नहीं की, जिसके कारण आज इन लोगों को निर्दोष छोड दिया गया । वर्ष २०१६ में इस घटना की उस समय की (तत्कालीन) सरकारी वकील रोहिणी सालियन ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि NIA ने उनसे आरोपियों के प्रति नर्म व्यवहार अपनाने को कहा था । वर्ष २०१७ में एजेंसी ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को निर्दोष सिद्ध करने का प्रयास किया , तथा वही व्यक्ति वर्ष २०१९ में बीजेपी सांसद बनी । क्या NIA और आतंकवाद विरोधी दल के अधिकारियों को उनकी असवधानीपूर्वक जांच के लिए उत्तरदायी ठहराया जाएगा ? इस प्रश्न का उत्तर हम सबको पता है । यह वही मोदी सरकार है जो आतंकवाद के विरुद्ध कठोर होने की बात करती है । परंतु बीजेपी ने एक आतंकवाद के आरोपी को सांसद बनाया, यह बात विश्व में याद रखी जाएगी ।” (ओवैसी जैसे कट्टरपंथी मुस्लिम नेताओं को हिंदुत्ववादी कार्यकर्ता, नेता या संत – ये सभी आतंकवादी ही लगते हैं ! ऐसे नेताओं की जितनी निंदा की जाए, वह कम ही है । – संपादक)